कानपुरः चमनगंज में निकाह के 16 साल बाद पति ने पत्नी को तीन तलाक देकर घर से निकालने को लेकर पति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। महिला का आरोप है कि पति के इलाके में रहने वाली एक महिला से संबंध हैं। आरोप है कि 7 जुलाई को उसने पति को महिला मित्र के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया था। विरोध करने पर पति ने कहा- ‘यही मेरी सब कुछ है।’ महिला के मुताबिक, 12 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे पति ने दोनों बेटों के सामने तीन तलाक देकर उसे घर से निकाल दिया। इसके बाद चमनगंज थाने में शिकायत की गई।
पुलिस ने दहेज प्रताड़ना, मारपीट, अनैतिक संबंध और मुस्लिम महिला विवाह अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है। पीड़िता आफरीन ने बताया कि उसका निकाह 2010 में प्रेमनगर निवासी रेहान हुसैन से हुआ था। दोनों के दो बेटे हैं। उसका आरोप है कि रेहान के शादी से पहले भी एक महिला से संबंध थे, जो निकाह के बाद जारी रहे। आफरीन का कहना है कि ससुरालीजन दहेज में पैसों की मांग करते थे। मांग पूरी नहीं होने पर पति रेहान, सास सुल्ताना बेगम, ननद सायमा और कहकशां और बहनोई नसीम उसे प्रताड़ित करते थे। पति बच्चों की फीस जमा करने से भी मना कर देता था।
आफरीन के मुताबिक, उसने पति को पहले भी कई बार महिला मित्र के साथ पकड़ा था। 7 जुलाई को भी उसने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखा। विरोध करने पर पति ने महिला का पक्ष लेते हुए कहा कि वही उसकी सब कुछ है और वह पत्नी को तलाक दे देगा। महिला ने ससुराल वालों से इसकी शिकायत की तो उसे सब्र रखने और मामला ठीक होने का भरोसा दिया गया। आफरीन का आरोप है कि पति बच्चों के साथ भी मारपीट करता था, लेकिन घर बचाने की उम्मीद में वह चुप रही।
आफरीन ने बताया कि 12 अगस्त की रात रेहान ने दोनों बेटों के सामने तीन तलाक दिया। इसके बाद उसे घर से निकाल दिया और दोबारा आने पर जान से मारने की धमकी दी। महिला का आरोप है कि उसने चमनगंज थाने में शिकायत की, लेकिन करीब दो महीने तक पुलिस मामले को टालती रही। पति से समझौते की कोशिश भी हुई, लेकिन वहां भी उसने हंगामा किया।
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि महिला की तहरीर पर चमनगंज थाने में दहेज प्रताड़ना, मारपीट, अनैतिक संबंध और मुस्लिम महिला विवाह अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। थाने से शिकायतकर्ता को टरकाने के सवाल पर डीसीपी ने बताया कि पहले मामले में मध्यस्थता कराई जा रही थी। तीन तलाक का मामला सामने आने के बाद तत्काल प्रभाव से मुकदमा दर्ज किया गया।
