जालंधर, ENS: कमिश्नरेट पुलिस ने मशहूर पंजाबी यूट्यूबर मणि शॉकर और उसके 2 साथियों को गिरफ्तार करके 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया था। जिसके बाद दो दिन का पुलिस रिमांड खत्म होने पर मणि शॉकर को आज कोर्ट में पेश किया गया। जहां पुलिस ने अदालत में मणि का 4 दिन का रिमांड की दिए जाने की दलील दी, लेकिन कोर्ट ने दलील सुनने के बाद मणि शॉकर का पुलिस को 3 दिन का रिमांड दिया है। दरअसल, पुलिस ने दलील में कहा कि इनके गिरोह के और सदस्यों के बारे में पूछताछ की जानी है, जिसे लेकर उन्हें मणि शॉकर का रिमांड चाहिए।
बता दें कि पुलिस ने मणि शॉकर सहित उसके साथियों के कब्जे से विदेश में बनी 5 पिस्तौलें बरामद की थी। आरोपियों की पहचान मनप्रीत सिंह उर्फ मणि शोकर, पिता जसविंदर सिंह, निवासी गांव अट्टी बाजा, फिल्लौर, दिलप्रीत सिंह, पिता गुरनेक सिंह, निवासी गांव धर्म सिंह वाला, जिला मोगा मेहर सिंह उर्फ प्रिंस, पिता लखविंदर सिंह, निवासी न्यू आजाद नगर, लुधियाना के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से GLOCK 19 Gen4. ऑस्ट्रिया, 9×19 mm – साथ में 3 कारतूस और 2 खाली कारतूस Cugir Romania Model TT-C, Cal. 7.62×25 mm, PW Redmond WA 1995., एक बिना निशान वाली पिस्तौल, Walther Carl Walther Waffen fabrik Ulm/DO Model PP, Cal. 9mm P.A.K., जर्मनी में बनी, एक बिना निशान वाली पिस्तौल, और 2 अतिरिक्त कारतूस बरामद किए थे।
दरअसल, सदर पुलिस स्टेशन के एसएचओ सब-इंस्पेक्टर बलकरण सिंह की देखरेख में, 18 सितंबर को पुलिस चौकी जंडियाला के इंचार्ज एसआई नरिंदर मोहन ने अपनी टीम के साथ जंडियाला मोड़ पर चेकिंग अभियान चलाया गया था। जहां नाके के दौरान, PB-08-GB-1101 नंबर की महिंद्रा स्कॉर्पियो को रोककर तलाशी ली गई। चेकिंग के दौरान, स्कॉर्पियो के ड्राइवर और उसके बगल में बैठे बिना दाढ़ी वाले व्यक्ति से गाड़ी की जांच कराने और अपने पहचान पत्र व ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने को कहा गया। चेकिंग के दौरान, बिना दाढ़ी वाले यात्री ने पिस्तौल निकाली और SI पर गोली चलाने की कोशिश की।
SI ने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे एक तरफ धकेल दिया। इस दौरान, उस व्यक्ति ने दो गोलियां चलाईं, जो पास के एक ढाबे की दीवार पर लगीं। बहुत सावधानी से और साथ मौजूद पुलिसकर्मियों की मदद से, दोनों लोगों को काबू में किया गया और उनकी पहचान की गई। गोली चलाने वाले व्यक्ति ने अपना नाम मनप्रीत सिंह उर्फ मणि शॉकर बताया। मनप्रीत सिंह और स्कॉर्पियो ड्राइवर दिलप्रीत सिंह (पिता गुरनेक सिंह) को कानून के अनुसार गिरफ्तार कर लिया गया, और फायरिंग में इस्तेमाल की गई पिस्तौल (ग्लॉक) व 3 कारतूस पुलिस ने अपने कब्जे में लिए गए थे।