जालंधर, ENS: सोढल मेले को लेकर प्रशासन द्वारा तैयारियां कर ली गई है। वहीं मेले को लेकर मैदानों में झूले भी लग गए है। बीते दिन रविवार को भारी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने के लिए श्री सिद्ध बाबा सोढल मंदिर में पहुंचे। वहीं इस बार फिर से मेल में लगे झूले चर्चा का विषय बने हुए है। दरअसल, 2019 के दौरान गाजीगुल्ला रोड पर लगे एक झूले का हुक टूटने से एक बच्ची की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद कुछ साल तक जिला प्रशासन सतर्क नजर आया, लेकिन इस बार फिर वही पुरानी गलतियां दोहराई जा रही हैं।
दरअसल, काली माता मंदिर के पास ग्राउंड में नियमों को ताक पर रखकर झूले लगाए जा रहे हैं। इसकी तस्वीरें भी सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता है कि बड़े झूले के दोनों ओर कोई गेट नहीं लगा हुआ है। ऐसें में जब ठेकेदार से बात की गई तो उनका कहना है कि ग्राहक के सीट बेल्ट लगाकर उन्हें झूले में बिठाया जाएगा। इतने बढ़े झूलों में बिना गेट के सीट बेल्ट कितनी सेफ रह सकती है, इसका अंदाजा आप खुद लगे झूलों की तस्वीरों से लगा सकते है।
हालांकि मैदान में इन झूलों को लेकर कांग्रेस विधायक द्वारा भी सवाल उठाए जा चुके है। लोगों के अनुसार झूलों में कोई सेफ्टी को लेकर पुख्ता प्रबंध दिखाई नहीं दे रहे है। ऐसे में देखना यह है कि प्रशासन द्वारा झूलों को लेकर क्या कार्रवाई की जाती है। दरअसल, काली माता मंदिर रोड पर 2 फैक्ट्रियों के बीच के खाली प्लॉट में 3 बड़े झूले लगे हैं। इस दौरान प्लाट में तीन तरफ दीवारें हैं और एक गेट है। झूलों के बीच इतनी कम जगह है कि एक समय में 1-2 लोग ही निकल सकते हैं। हादसा हुआ तो नुकसान होगा।