अमृतसरः जिले के रेलवे रीगो ब्रिज के निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर सांसद गुरजीत सिंह औजला ने तकनीकी विभाग, रेलवे अधिकारियों और ठेकेदारों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस दौरान पुल के निर्माण में आ रही बाधाओं, अब तक हुए काम और अगले चरण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि रेलवे रीगो ब्रिज प्रोजेक्ट को साल 2023 में मंजूरी मिली थी, लेकिन इसके बाद विभिन्न विभागों की मंजूरियों के कारण काम में देरी होती रही।
यह पुल पुराने शहर के ऊपर से गुजरता है और इसके आसपास रेलवे लाइनों के साथ-साथ आर्मी क्षेत्र, गोविंदगढ़ किले से संबंधित लाइनें, बिजली और संचार की तारें भी मौजूद हैं। इनके संबंध में आर्मी और अन्य संबंधित विभागों से मंजूरी लेने में काफी समय लग गया। इसके अलावा, पुराने पुल को हटाकर नया पुल बनाने की प्रक्रिया भी इस प्रोजेक्ट का एक अहम हिस्सा रही। इस संबंध में काम का ऑर्डर 25 जनवरी 2025 को दिया गया था।
बैठक के बाद सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि यदि अधिकारियों द्वारा शुरुआत में ही रेलवे और आर्मी की मंजूरियों के बारे में जानकारी दे दी गई होती, तो काम में इतनी देरी नहीं होती। उन्होंने कहा कि अब पुल के पिलर खड़े हो चुके हैं और लोहे का ब्रिज तैयार करने का काम शुरू किया जा रहा है। औजला ने अधिकारियों और ठेकेदार को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पुल के काम में अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लक्ष्य दिया कि दिसंबर तक हर हाल में पुल का एक हिस्सा लोगों के लिए चालू कर दिया जाए और उसके बाद 3 महीने के भीतर दूसरा हिस्सा भी शुरू कर दिया जाए।