नई दिल्लीः कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक ऐसा बयान दे दिया, जिस पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। खरगे ने अपने बयान में पीएम मोदी के लिए “आतंकवादी” शब्द का इस्तेमाल कर दिया, जिसके बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया।
खरगे ने क्या कहा था?
तमिलनाडु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खरगे ने कहा कि AIADMK के नेता, जो अन्नादुरई की विचारधारा की बात करते हैं, वे मोदी के साथ कैसे जा सकते हैं? उन्होंने कहा कि मोदी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करते और उनके साथ जाने का मतलब लोकतंत्र को कमजोर करना है। इसी दौरान उन्होंने पीएम मोदी के लिए विवादित शब्द का इस्तेमाल किया।
बयान पर दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद खरगे ने तुरंत सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका मकसद पीएम मोदी को “आतंकवादी” कहना नहीं था। उनका कहना था कि मोदी लोगों और विपक्षी पार्टियों को डराते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईडी, आईटी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। खरगे ने कहा कि उन्होंने सिर्फ यह बताने की कोशिश की थी कि सरकार का रवैया डराने वाला है।
बीजेपी का कड़ा विरोध
खरगे के इस बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। बीजेपी नेता संबित पात्रा ने कहा कि यह बयान बेहद निंदनीय है और यह कांग्रेस की सोच को दिखाता है। उन्होंने कहा कि यह कोई जुबान फिसलना नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति है। पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी अपने भाषणों में पीएम मोदी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करते रहते हैं।
कांग्रेस पर लगा गंभीर आरोप
संबित पात्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले भी विवादित लोगों के प्रति नरमी दिखाती रही है। आतंकवाद से जुड़े मामलों में भी पार्टी का रवैया सवालों के घेरे में रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी बयानबाजी से कांग्रेस की मानसिकता साफ दिखती है।
बीजेपी ने काह- जनता देगी जवाब
बीजेपी का कहना है कि जब भी कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह के बयान दिए हैं, जनता ने चुनाव में इसका जवाब दिया है। पात्रा ने कहा कि इस बार भी देश की जनता कांग्रेस को जवाब देगी।
