नई दिल्ली: अमेरिका-ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में फैली अशांति के बीच में अब डोनाल्ड ट्रंप की चिंता बढ़ सकती है। अमेरिका में नवंबर में मिडटर्म इलेक्शन होने वाले हैं। ऐसे में इन चुनावों में ट्रंप को झटका लग सकता है। रिपोर्ट्स की मानें तो मिडटर्म चुनाव को लेकर अमेरिकी मतदाताओं के बड़े प्रतिशत में लोग ट्रंप के विरोध में खड़े हो सकते हैं। न्यूयॉर्क के चैनल के अनुसार, 30 सालों में मिडटर्म इलेक्शन सर्वे में इस बार सबसे ज्यादा चौंकाने वाले परिणाम देखने को मिलेंगे। चैनल के अनुसार, इस सर्वे के आंकड़े अभी तक के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर हो सकते हैं।
आखिर कितने लोग ट्रंप के खिलाफ?
सर्वे के अनुसार, पंजीकृत मतदाताओं में से 43 फीसदी लोगों ने यह कहा है कि उनका मतपत्र ट्रंप के विरोध का संकेत देगा। वहीं सिर्फ 27 फीसदी लोगों का यह कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप के समर्थन को दर्शाने के लिए होगा। 28 फीसदी लोगों ने यह कहा है कि उनके मतपत्र का मकसद कोई खास मैसेज देना नहीं है। वहीं स्वतंत्र मतदाताओं में से 46 फीसदी सिर्फ अपना विरोध ही व्यक्त करना चाहते हैं। 10 फीसदी लोगों ने ट्रंप के समर्थन में आने की बात कही है।
41 फीसदी लोगों का यह कहना है कि ट्रंप का देश चलाने का तरीका सही है। वहीं 56 फीसदी ने इसको गलत बता दिया है। एक न्यूज सर्वे के अनुसार, यह ट्रंप का दूसरा कार्याकाल है जिसमें अभी तक की सबसे कम रेटिंग है। वहीं सर्वे में 11 से लेकर 15 सितंबर के बीच 1000 पंजीकृत मतदाताओं के बीच में किया गया था।
ईरान के साथ युद्ध पर भी आया बयान
वहीं अमेरिका की अर्थव्यवस्था मतदाताओं की चिंताओं में से प्रमुख मुद्दा माना जा रहा है। 55 फीसदी लोगों का यह कहना है कि ट्रंप की नीतियों का अमेरिका की व्यवस्था पर नेगेटिव असर पड़ेगा। यह आंकड़े मार्च में 48 फीसदी थे। वहीं 26 फीसद लोग इन नीतियों को पॉजिटिव प्रभाव वाला मान रहे हैं। मंहगाई जैसे मुद्दे भी इसमें प्रमुख चिंता का विषय हैं। वहीं दूसरी ओर 62 फीसदी लोगों का यह मानना है कि ईरान के साथ अमेरिका का युद्ध करना बिल्कुल भी ठीक नहीं है। वहीं 33 फीसदी लोगों का इसके अलग सोचना है।