धर्म: सावन का पावन महीना अब बस शुरु होनें वाला है। शिव भक्त हर साल इस महीने का बेसब्री के साथ इंतजार करते हैं। इस बार सावन की शुरुआत काफी खास और फलदायी होने वाली है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस बार पहले ही दिन एक साथ 4 बड़े और दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। 30 जुलाई 2026 से शुरु होने वाले इस सावन के पहले ही दिन इन सभी संयोगों का निर्माण होने से इस दिन का धार्मिक महत्व और पूजा का फल कई गुना ज्यादा बढ़ चुका है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन महीने की शुरुआत 20 जुलाई 2026 गुरुवार को होने वाली है। इसका समापन 28 अगस्त 2026 को होगा। इस पूरे महीने में शिव जी का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और सावन सोमवार व्रत रखने का खास विधान है।
आयुष्मान योग
सावन के पहले दिन आयुष्मान योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को उत्तम स्वास्थ्य और लंबी उम्र प्रदान करने वाला माना गया है। इस योग में भगावन शिव का जलाभिषेक करने और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना अत्यंत कल्याणकारी होता है।
सौभाग्य योग
पहले दिन सौभाग्य योग का भी संयोग बन रहा है। जैसे कि नाम से ही साफ है यह योग जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आता है। इस योग में की गई पूजा, भक्ति और दान-पुण्य का अक्षय फल प्राप्त होता है।
श्रीहरि और महादेव का मिलेगा आशीर्वाद
सावन महीने की शुरुआत गुरुवार के दिन होने वाली है। यह दिन सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। ऐसे में सावन के पहले दिन महादेव के साथ-साथ श्रीहरि विष्णु की पूजा करने से हरि-हर दोनों का अखंड आशीर्वाद मिलेगा। सावन की शुरुआत श्रवण नक्षत्र में होगी। श्रवण नक्षत्र को आध्यात्मिक उन्नति, ध्यान और शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए बहुत ही श्रेष्ठ माना गया है। इस नक्षत्र में शिव आराधना करने से मनोकामनाएं जल्दी पूरी होती हैं।
सावन के दिन शुभ मुहूर्त
ब्रह्मा मुहूर्त
इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजककर 18 मिनट से सुबह 4 बजकर 59 मिनट तक।
प्रात: संध्या
इस दिन प्रात संध्या का मुहूर्त 4 बजकर 39 मिनट से सुबह 5 बजकर 41 मिनट तक।
अभिजीत मुहूर्त
इस दिन दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।
ऐसे करें महादेव की पूजा
. इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। इसके बाद साफ कपड़े पहनें। इसके बाद पूजा के लिए संकल्प लें।
. घर के मंदिर में या शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर शुद्ध जल और गंगाजल चढ़ाएं। इसके बाद दूध, दही, शहद और शर्करा से पंचामृत से अभिषेक करें।
. शिवलिंग पर चंदन का तिलक लगाएं। इसके बाद उनका प्रिय बेलपत्र, धतूरा, भांग, आंकड़े का फूल और चावल अर्पित करें।
. पूजा के दौरान ऊं नम: शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र कम से कम 108 बार जाप करें।
. इस दिन गुरुवार है ऐसे में भगवान विष्णु के सामने घी का दीया जलाएं। केले या पीली मिठाई का भी भोग लगाएं। इसके बाद जरुरतमंदों को अन्न या वस्त्र का दान करें।

