इटावाः एक निजी स्कूल में 8वीं क्लास के एक छात्र ने तीसरी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। आत्महत्या करने की क्या वजह थी ये अब तक सामने नहीं आई है। हालांकि प्रिंसिपल ने कहा कि बच्चे ने पढ़ाई के दबाव से परेशान होकर यह कदम उठाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
स्कूल प्रशासन ने मृतक छात्र के परिजानों को मामले की सूचना दे दी है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने इकलौते बेटे की मौत पर स्कूल मैनेजमेंट पर लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रिंसिपल विक्रम सिंह ने बताया कि दोपहर 12:30 बजे रिसेस के बाद सभी छात्र चले गए थे। पिंटू भी चला गया था, लेकिन कुछ देर बाद वह यह कहकर क्लास में वापस आया कि उसकी बोतल क्लासरूम में छूट गई है। उसने बोतल अपने बैग में रखी, खिड़की खोली और पार्किंग कैंपस में कूद गया। उसे उठाकर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दूसरी ओर छात्र के पिता राजेश राठौर ने बताया कि उनका 14 साल का बेटा पिंटू और तीन बेटियां उनके घर के पास के ही एक स्कूल में पढ़ते हैं। वे चारों बुधवार सुबह एक साथ स्कूल गए थे। दोपहर करीब 12:30 बजे छुट्टी के बाद बेटियां घर आ गईं, लेकिन बेटा वापस नहीं लौटा। दोपहर करीब 1 बजे स्कूल से फोन आया कि उनके बेटे का एक्सीडेंट हो गया है। जब वे जिला अस्पताल पहुंचे, तो बेटा मृत मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टाफ ने उन्हें बच्चे के कूदने के बारे में नहीं बताया था।

