नई दिल्ली: फिजिक्स के नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो गई है। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ सांइसेज की ओर से दोपहर 3:15 बजे विजेताओं का नाम घोषित किया गया है। इस साल यह अवॉर्ड अमेरिका के जॉन क्लार्क, माइकल डेवोरेट, जॉन मार्टिनिस को मिला है। इन तीनों को इलेक्ट्रिक सर्किट में मैक्रोस्कॉपिक क्वांटम मैकेनिकल टनलिंग और ऊर्जा क्वांटाइजेशन की खोज के लिए दिया गया है।
क्वांटम तकनीक समझने में मिलेगी मदद
तीन वैज्ञानिकों ने एक इलेक्ट्रिकल सर्किट के साथ इस्तेमाल किए। इसमें उन्होंने एक ऐसी प्रणाली में क्वांटम मैकेनिकल टनलिंग और क्वांटाइज्ड एनर्जी लेवल दोनो का प्रदर्शन किया। यह दोनों ही हाथ में पकड़ने लायक थी। ये खोज क्वांटम क्रिप्टोग्राफी, क्वांटम कंप्यूटर और क्वांटम सेंसर सहित क्वांटम तकनीक को और अच्छे से समझने में मदद करेगी।वैसे तो क्वांटम मैकेनिक्स के नियम बहुत ही छोटे-छोटे कणों पर लागू होते हैं। इनके व्यवहार को माइक्रोस्कोपिक कहते हैं क्योंकि ये इतने छोटे होते हैं कि सामान्य माइक्रोस्कोप से भी दिखाई नहीं देती लेकिन अब इन वैज्ञानिकों ने पहली बार बिजली के सर्किट में बड़े पैमाने पर क्वांटम टनलिंग और एनर्जी के स्तरों की खोज की है।BREAKING NEWS The Royal Swedish Academy of Sciences has decided to award the 2025 #NobelPrize in Physics to John Clarke, Michel H. Devoret and John M. Martinis “for the discovery of macroscopic quantum mechanical tunnelling and energy quantisation in an electric circuit.” pic.twitter.com/XkDUKWbHpz
— The Nobel Prize (@NobelPrize) October 7, 2025