नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर चलाकर भारत ने पाकिस्तान में पीओके में मौजूद आंतकी ठिकानों को तबाह किया था। पाकिस्तान भले ही भारत के खिलाफ प्रोपेगैंडा फैलाकर झूठे दावे करता हो लेकिन 7 मई को शुरु हुए भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष की हकीकत कुछ और ही है। एक साल बाद आई एक विदेशी रिपोर्ट में भी इसको लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।
अमेरिकी डिफेंस एक्सपर्ट ने बताया कि पड़ोसी मुल्क की पोल खोलते हुए बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पाकिस्तान को कैसे धूल चटाई थी। अमेरिका के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सबस्टैक पर लिखते हुए यूएस के अर्बन वॉरफेयर इंस्टीट्यूट के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर जॉन स्पेंसर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के 7 मई 2025 को शुरु होने के बाद एक साल बाद भी कुछ दावे अब तक किए जा रहे हैं।
इसमें कहा जाता है कि शुरुआती समय में भारतीय विमान गिराए गए थे। पाकिस्तान ने बड़ी सफलता हासिल की थी। उन्होंने बताया कि भारत और पाकिस्तान के टकराव में अक्सर ऐसा देखा गया है कि पाकिस्तान जल्द ही गलत या बढ़ा-चढ़ाकर दावे करके अंतरराष्ट्रीय मीडिया में अपने कहानी बना लेता है।
अमेरिकी डिफेंस एक्सपर्ट
स्पेंसर ने बताया कि 7 मई से 10 मई 2025 तक चले इस ऑपरेशन की शुरुआत में आने वाली रिपोर्ट में दिखाया गया कि भारतीय विमानों को ज्यादा नुकसान हुआ था। कई पश्चिमी मीडिया रिपोर्टों में यह दिखाया गया कि पाकिस्तान वायुसेना ने बड़ी सफलता हासिल की है लेकिन बाद में यह दावा गलत साबित हुआ है।
उन्होंने स्विट्जरलैंड के सेंटर ही हिस्टॉयर एट डी प्रॉस्पोक्टिव मिलिटेयर्स की ओर से 15 जनवरी को जारी एक रिपोर्ट का हवाला दिया। इस रिपोर्ट में संघर्ष को शुरुआती दावों के बजाय ऑपरेशनल डेटा के आधार पर समझाया गया है। इस अध्ययन को सैन्य इतिहासकार एड्रियन फोंटानेलज ने लिखा है और उसे सेवानिवृत्त स्विस एयरफोर्स मेजर जनरल क्लॉड मायर के नेतृत्व वाले पैनल ने समीक्षा की है।
रिपोर्ट में कहा गया है
रिपोर्ट में बताया गया कि चार दिनों की लड़ाई के दौरान घटनाएं शुरुआती रिपोर्टों से काफी अलग तरीके से आगे बढ़ी। इसमें कहा गया कि शुरुआती विमान नुकसान की खबरें सिर्फ एक हिस्सा थी जबकि असल में पूरा अभियान उससे कही बड़ा था। इसके अनुसार, आखिरी में पाकिस्तान वायुसेना कमजोर पड़ गई। भारत ने पाकिस्तान के बड़े हिस्से में हवाई बढ़त हासिल कर ली। पाकिस्तान के अंदर गहराई तक स्टीक हमले किए गए।
पाकिस्तान पर कैसे भारी पड़ा भारत?
स्पेंसर ने यह भी कहा कि 22 अप्रैल के आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पीओके में नौ आंतकी ठिकानों पर हमला किया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने तुरंत जवाब दिया लेकिन जल्द ही भारतीय वायुसेना ने अहम क्षेत्रों में कंट्रोल हासिल कर लिया और शुरुआती रात के बाद पाकिस्तान की स्थिति लगातार कमजोर हो गई है। उनके अनुसार, यह नतीजा किसी एक हमले का नहीं था।
बल्कि कई दिनों तक चले एक सुनियोजित अभियान का परिणाम था। जिसमें दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को धीरे-धीरे कमजोर किया गया। इससे पाकिस्तान की निगरानी, तालमेल और जवाब देने की क्षमता प्रभावित हुई।
पाकिस्तान के लड़ाई जारी रखने की स्थिति में नहीं था
एक्सपर्ट के अनुसार, यह विश्लेषण भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ही तरह की पुष्टि देता है जिसे भारत सरकार आमतौर पर खुलकर नहीं कहती है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के मकसद पूरे ही नहीं बल्कि संभवत उम्मीद से ज्यादा सफल रहे। स्पेंसर ने आखिरी में कहा कि यह बहस अभी जारी है कि क्या भारत को अभियान आगे बढ़ाना चाहिए था परंतु यह साफ है कि पाकिस्तान ने सीजफायर इसलिए स्वीकार किया क्योंकि वह आगे लड़ाई जारी रखने की स्थिति में नहीं था।
