लुधियानाः शहीद भगत सिंह नगर में प्रॉपर्टी डीलर ने सुसाइड कर लिया। देर रात जहरीली वस्तु निगलने से व्यक्ति की तबीयत बिगड़ गई। जिसेक बाद हालत गंभीर होने के चलते उन्हें DMC अस्पताल में भर्ती करवाया गया। ईलाज के दौरान प्रॉपर्टी डीलर की मौत हो गई। मृतक की पहचान 52 वर्षीय परविंदर उर्फ रिंपी अनेजा निवासी शहीद भगत सिंह नगर के रूप में हुई है। 20 दिन पहले ही उनकी मां का निधन हुआ था। रिंपी का बेटा कनाडा में रहता है। सिविल अस्पताल में उनका शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। आज उनका पोस्टमॉर्टम सिविल अस्पताल में कराया जाएगा। प्रॉपर्टी डीलर की पत्नी ने कहा कि उन्होंने मरने से पहले एक वीडियो बनाया था, जिसमें उन्होंने 11 लोगों का नाम लिया है।
आरोप है कि ये लोग पैसों के लिए उन पर दबाव बना रहे थे। सभी मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। पलविंदर सिंह की पत्नी जसलीन कौर के बयान पर पुलिस 11 लोगों पर केस दर्ज किया है। इसमें राजेश बंसल, विनोद स्याल, हरप्रीत सिंह (इंप्रवूमेंट ट्रस्ट का कर्मचारी), पंकज गुप्ता, खुशवंत सिंह, प्रॉपर्टी डीलर रिशमजीत सिंह, प्रॉपर्टी डीलर अजीत सिंह स्वराज, मंजू गोयल, अनिल कुमार, रनवीर कौर गिल और वरुण गोयल शामिल हैं। चरणजीत सिंह ने बताया कि रिंपी मेरे रिश्तेदार हैं और वो प्रॉपर्टी डीलर थे। कुछ लोगों के साथ इनका लेन देन था। इनके बयान के मुताबिक वो लोग इन्हें परेशान कर रहे थे। मुझे फोन आया कि मैंने क्विट कर दिया और चार गोलियां सल्फाश खा ली हैं।
प्रॉपर्टी डीलर ने सुसाइड नोट भी छोड़ा है और वीडियो भी बनाया है। कुछ लोगों से प्रॉपर्टी ली थी। उन्होंने फिर से कब्जा कर दिया। एक लेडिज अमृतसर की भी है। 4-5 दिन से बहुत परेशान थे। 5-6 महीने से तंग थे। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है कि किससे कितने पैसे लेने हैं। लोगों ने उन्हें मरने के लिए मजबूर किया। करोड़ों रुपए का कारोबार करते थे। पुलिस अब मृतक का मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही है। माना जा रहा है कि वीडियो और कॉल डिटेल्स से पूरे विवाद और दबाव की तस्वीर साफ हो सकती है। परिवार के मुताबिक 20 दिन पहले ही रिंपी अनेजा की मां का निधन हुआ था। ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वह निजी और आर्थिक दोनों तरह के तनाव से गुजर रहे थे या नहीं।
