चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विमुक्त एवं घुमंतू समाज का इतिहास बहुत पुराना, गौरवशाली और प्रेरणादायक है। कठिन से कठिन हालात में भी इस समाज के लोगों ने अपनी अटूट मेहनत, समृद्ध कला, अनुपम संस्कृति और अपने स्वाभिमान को सदैव जीवित रखा है।
जब भी हम भारत के इतिहास और इसके स्वर्णिम अतीत को देखते हैं, तो विमुक्त और घुमंतू समाज के शूरवीरों और महापुरुषों का योगदान स्वर्ण अक्षरों में चमकता दिखाई देता है। भाई मक्खन शाह लबाना जी, जिन्होंने सच्चे गुरु की पहचान कराकर पूरी दुनिया को सही मार्ग दिखाया। मुख्यमंत्री रविवार को अपने चंडीगढ़ स्थित आवास संत कबीर कुटीर में आयोजित हरियाणा व पंजाब की समस्त घुमंतू जातिय़ों के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिकलीगर व बंजारा समाज के हुनरमंद वीरों ने मुगलों के खिलाफ युद्ध में अचूक अस्त्र-शस्त्र बनाकर खालसा फौज को ताकत दी।

वीरता आपको अपने पूर्वजों से विरासत में मिली है। इसी राष्ट्रभक्ति के बल पर आपने आजादी के आंदोलन में अंग्रेजी हुकूमत की नाक में दम कर दिया था। इसी से बोखलाकर अंग्रेजों ने 1871 में ‘क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट’ नाम का काला कानून बनाकर आपके देशभक्त समाज को जन्मजात अपराधी घोषित करने का घिनौना पाप किया। आजादी के बाद 31 अगस्त, 1952 को यह कलंक हमेशा के लिए मिटा, इसीलिए इस ऐतिहासिक दिन को हम ‘विमुक्ति दिवस’ के रूप में मनाते हैं। केवल विमुक्ति दिवस मनाने भर से काम नहीं चलने वाला। आपको वह सब मिलना चाहिए जो अंग्रेजों ने आपसे छीना था।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की बागडोर संभाली, तो ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का मूलमंत्र दिया। हमारी डबल इंजन सरकार इसी भावना से गरीब कल्याण के काम कर रही है। डॉ. आंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना के तहत मकान मरम्मत सहायता राशि 30,000 रुपये से बढ़ाकर 80,000 रुपये की गई, जिससे 85,815 परिवारों को 416 करोड़ रुपये की मदद मिली। गरीब परिवारों को मात्र 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे 15 लाख से अधिक बहनों को लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत बेटियों के विवाह हेतु 3.85 लाख परिवारों को 1,523 करोड़ रुपये की शगुन राशि दी गई है। घुमंतू समाज के प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, वे बच्चों को जरूर पढ़ाइए। शिक्षा ही वह ताकत है जो आने वाली पीढ़ियों का भाग्य बदल सकती है।