चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम करने और गर्भवती महिलाओं को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए ‘समृद्धि’ (सेफ मदरहुड एंड चाइल्ड हेल्थ इनीशिएटिव) पहल को लागू कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक की मदद से ‘समृद्धि’ पोर्टल, राज्य स्तरीय कमांड सेंटर और 102 मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कॉल सेंटर को एक साथ जोड़ा जाएगा।
हर गर्भवती महिला को मिलेगी विशेष समृद्धि आईडी
हर गर्भवती महिला का अनिवार्य पंजीकरण कर उसे विशेष ‘समृद्धि’ आईडी दी जाएगी। इससे उसकी गर्भावस्था से जुड़ी सभी स्वास्थ्य संबंधी जानकारियाँ एक ही स्थान पर सुरक्षित रहेंगी। यह व्यवस्था सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में इलाज कराने वाली महिलाओं के लिए भी लागू होगी।
जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं पर विशेष नजर
‘समृद्धि’ व्यवस्था के तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान की जाएगी। एएनएम, डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों को जरूरी जांच, आगामी प्रसव, फॉलो-अप और अन्य सेवाओं के लिए समय पर सूचना और अलर्ट मिलेंगे।
सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थान एक व्यवस्था से जुड़ेंगे
‘समृद्धि’ पोर्टल को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के मानकों के अनुसार विकसित करने और अन्य स्वास्थ्य पोर्टलों से जोड़ा जाएगा। जन्म पंजीकरण को भी ‘समृद्धि’ आईडी से जोड़कर गर्भावस्था और जन्म के बाद बच्चे के स्वास्थ्य की बेहतर निगरानी की जाएगी।
मातृ और नवजात मृत्यु दर कम करना मुख्य लक्ष्य
‘समृद्धि’ पहल का मुख्य उद्देश्य हरियाणा में मातृ मृत्यु दर और नवजात मृत्यु दर को कम करना है।’’ इसके तहत 100 प्रतिशत गर्भावस्था पंजीकरण, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की सक्रिय निगरानी, समय पर रेफरल, संस्थागत प्रसव और नवजात शिशुओं की लगातार निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।