शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने दिल्ली स्थित धर्मसंघ महाविद्यालय में आयोजित पांच दिवसीय श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ के पूर्णाहुति समारोह में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह आयोजन सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सामूहिक आस्था का अद्भुत संगम है। इस प्रकार के धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सेवा, सद्भाव और आत्मानुशासन जैसे मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित करते हैं। यह समारोह स्व. संत वेदांती जी महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में भी आयोजित किया गया।

संत वेदांती जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि महान संतों और आध्यात्मिक गुरुओं का जीवन एवं उनकी शिक्षाएं आने वाली पीढ़ियों को सत्य, सेवा, त्याग और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेंगी।
विकसित भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन, आत्मनिर्भरता और वैश्विक सहभागिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और नागरिकों के चरित्र में निहित है। उन्होंने कहा कि भारत का आध्यात्मिक दर्शन विश्व शांति, सद्भाव और सह-अस्तित्व का शाश्वत संदेश देता है।
