2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता से मोबाइल रिपेयरिंग के काम का किया विस्तार
ऊना। ऊना जिले के गगरेट उपमंडल के शिवपुर गांव निवासी सुनील कुमार के लिए मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना बड़ा संबल साबित हुई है। योजना के तहत मिली दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता से उन्होंने अपने मोबाइल रिपेयरिंग कारोबार को विस्तार दिया। वर्ष 2020 में एक छोटे से खोखे से शुरू हुआ उनका काम आज दुकान तक पहुंच चुका है। यहां मोबाइल रिपेयरिंग के साथ एक्सेसरीज, स्पेयर पार्ट्स, लैपटॉप संबंधी कार्य और फोटोस्टेट की सुविधा भी उपलब्ध है। कारोबार बढ़ने से उनकी आमदनी में सुधार हुआ है और वह एक अन्य व्यक्ति को भी रोजगार दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल पर शुरू की गई इस योजना ने सुनील के हुनर को आगे बढ़ाने और उन्हें स्वरोजगार से रोजगार सृजन तक पहुंचाने में मदद की है।
मुश्किलों के बीच सीखा हुनर सुनील कुमार के पिता का वर्ष 2006 में देहांत हो गया था। उनकी माता ने सीमित संसाधनों में परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं। सुनील ने वर्ष 2015 में दसवीं कक्षा उत्तीर्ण की, लेकिन आर्थिक परिस्थितियों के चलते आगे पढ़ाई जारी नहीं रख सके। परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए उन्होंने दिल्ली के चांदनी चौक में मोबाइल रिपेयरिंग का काम सीखा और इसी हुनर को अपनी आजीविका का आधार बनाया। वर्ष 2019 में माता के निधन के बाद उनके सामने चुनौतियां और बढ़ गईं, लेकिन उन्होंने अपने दम पर आगे बढ़ने का प्रयास जारी रखा।
खोखे से शुरू हुआ कारोबार, योजना से मिला विस्तार वर्ष 2020 में सुनील ने अपने सीमित संसाधनों से एक छोटे से खोखे में मोबाइल रिपेयरिंग का काम शुरू किया। धीरे-धीरे काम बढ़ने लगा, लेकिन कारोबार को आगे ले जाने के लिए पूंजी की जरूरत थी। इसी दौरान उन्हें मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना की जानकारी मिली। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से सहायता के लिए आवेदन किया। वित्त वर्ष 2025-26 में योजना के तहत उन्हें दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर प्रदान की गई। यह राशि दो किश्तों में मिली। पहली किश्त में 1.40 लाख रुपये और दूसरी किश्त में 60 हजार रुपये दिए गए। इस आर्थिक मदद से उन्होंने दुकान में जरूरी सुविधाएं जुटाईं और कारोबार का दायरा बढ़ाया।
बढ़ी आमदनी, दूसरे को भी दिया रोजगार सुनील बताते हैं कि दुकान और घर का खर्च निकालने के बाद वह हर महीने करीब 10 से 15 हजार रुपये बचा पा रहे हैं। उन्होंने दुकान पर एक अन्य व्यक्ति को भी रोजगार दिया है। अब वह अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ाना चाहते हैं। भविष्य में दुकान के साथ लोक मित्र केंद्र और डीजे संबंधी कार्य शुरू करने की उनकी योजना है, ताकि आमदनी के अतिरिक्त साधन विकसित किए जा सकें। सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें अपना हुनर आगे बढ़ाने और कारोबार का विस्तार करने में मदद की। इससे वह आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरे व्यक्ति को भी रोजगार दे पाए हैं।
आत्मनिर्भरता की राह दिखा रही सुख-आश्रय योजना उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना विशेष देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले पात्र बच्चों और युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास तथा आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता के साथ स्वरोजगार शुरू करने के लिए दो लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है। उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार जिला प्रशासन योजना का लाभ प्रत्येक पात्र बच्चे तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी पात्र बच्चा योजना के लाभ से वंचित न रहे।
