ऊना सुशील पंडित : ऊना स्थित देवभूमि अद्वैता हार्ट इंस्टीट्यूट एंड मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में अत्याधुनिक हृदय उपचार के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए सफलतापूर्वक TAVI (Transcatheter Aortic Valve Implantation) प्रक्रिया संपन्न की गई। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह हिमाचल प्रदेश के निजी क्षेत्र में होने वाली दूसरी ऐसी प्रक्रिया है। अस्पताल के निदेशक डॉ. हरजिंदर सिंह एवं श्रीमती मोनिका सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मरीज मूल रूप से पालमपुर क्षेत्र के वनविहार गांव का निवासी है। मरीज का परिवार पिछले लगभग छह महीनों से उनका इलाज PGI चंडीगढ़ में करवा रहा था।
मरीज के बेटे ने बताया कि वे कई महीनों से PGI के चक्कर लगा रहे थे। PGI में भी उन्हें इस विशेष प्रक्रिया के बारे में बताया गया, किंतु इसकी लागत अत्यधिक अधिक थी। हालांकि PGI में आयुष्मान कार्ड की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन चूंकि यह एक विशेष प्रक्रिया थी, इसलिए उन्हें स्पष्ट रूप से बताया गया कि यह प्रक्रिया आयुष्मान योजना के अंतर्गत कवर नहीं होती। इस कारण परिवार काफी परेशान था।उन्होंने आगे बताया कि किसी परिचित ने उन्हें देवभूमि अद्वैता अस्पताल के बारे में सुझाव दिया, जिसके बाद उनकी मुलाकात डॉ. ताहिर से हुई। डॉ. ताहिर ने अत्यंत सरल एवं संवेदनशील तरीके से पूरे उपचार और प्रक्रिया के बारे में समझाया। साथ ही अस्पताल प्रबंधन से चर्चा कर इस जटिल प्रक्रिया को “नो प्रॉफिट, नो लॉस” आधार पर करने का निर्णय लिया गया।
मरीज के परिजनों ने डॉ. ताहिर एवं देवभूमि अस्पताल की पूरी टीम का विशेष धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल ने न केवल उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा प्रदान की, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी प्राथमिकता दी। इस अवसर पर डॉ. ताहिर ने TAVI प्रक्रिया की बारीकियों एवं इसकी गुणवत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया विशेष रूप से वृद्ध मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि अधिक आयु में बायपास सर्जरी अथवा वाल्व रिप्लेसमेंट जैसी पारंपरिक सर्जरी काफी जोखिमपूर्ण होती हैं। TAVI तकनीक अपेक्षाकृत कम जोखिम वाली एवं तेजी से रिकवरी प्रदान करने वाली आधुनिक प्रक्रिया है।
डॉ. ताहिर ने इस सफल प्रक्रिया का श्रेय पूरी मेडिकल टीम एवं देवभूमि प्रबंधन को देते हुए उनका आभार व्यक्त किया, जिन्होंने मरीज के हित को सर्वोपरि रखते हुए इस प्रक्रिया को “नो प्रॉफिट, नो लॉस” आधार पर सम्पन्न कराने का निर्णय लिया।

