चंडीगढ़: हरियाणा सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने औद्योगिक विकास को गति देने, निवेश आकर्षित करने तथा राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से सात नई क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों को अधिसूचित किया है।
अधिसूचना के अनुसार, नई नीतियों में हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण (ESDM) नीति-2026, हरियाणा फार्मास्यूटिकल एवं मेडिकल डिवाइस विनिर्माण नीति-2026, हरियाणा खिलौना एवं खेल उपकरण विनिर्माण नीति-2026, हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट (ई-वेस्ट) रिसाइक्लिंग नीति-2026, हरियाणा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति-2026, हरियाणा आईटी/आईटीईएस, एआई एवं उभरती प्रौद्योगिकी नीति-2026 तथा हरियाणा एवीजीसी-एक्सआर नीति-2026 शामिल हैं।
ये सभी नीतियां पांच वर्ष की अवधि तक प्रभावी रहेंगी और इनका उद्देश्य हरियाणा को उभरते तथा उच्च-विकास वाले क्षेत्रों में निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। सरकार को उम्मीद है कि नई नीतिगत रूपरेखा से देशी एवं वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी, राज्य के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी, नवाचार को बढ़ावा मिलेगा तथा हरियाणा के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

