महापुरुषों की जयंतियों पर संगत के बीच बैठकर सुनते हैं भजन-कीर्तन, समाज को देते हैं एकता का संदेश
चंडीगढ़: हरियाणा में सामाजिक समरसता को नई दिशा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी संत-महापुरुषों की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के अभियान को निरंतर गति दे रहे हैं। वर्ष 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा शुरू की गई इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नायब सिंह सैनी ने हरियाणा ही नहीं, बल्कि राजस्थान, पंजाब और दिल्ली में भी महापुरुषों की जयंती समारोहों में भाग लेकर सामाजिक एकता का संदेश दिया है। उनकी सादगी, सहजता और मिलनसार व्यक्तित्व ने समाज के सभी वर्गों के बीच विशेष पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री का मानना है कि संत-महापुरुष किसी एक जाति, वर्ग या समुदाय के नहीं होते, बल्कि उनके विचार संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। उनकी शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी उनके समय में थीं। हरियाणा सरकार “हरियाणा एक–हरियाणवी एक” के मूल मंत्र पर चलते हुए संत-महापुरुषों की जयंती और सिख गुरुओं के प्रकाश पर्व सरकारी स्तर पर आयोजित कर सामाजिक सद्भाव को सुदृढ़ कर रही है।
वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पहली बार सरकारी स्तर पर महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाने की शुरुआत की थी। उसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए अब संत शिरोमणि रविदास, संत कबीरदास, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित अनेक संत-महापुरुषों की जयंतियां पूरे सम्मान के साथ सरकारी स्तर पर मनाई जा रही हैं। इन आयोजनों के लिए बजट का प्रावधान किया गया है तथा राज्य सरकार के वार्षिक कैलेंडर में इन्हें विशेष दिवस के रूप में स्थान दिया गया है।
हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन चुका है, जहां विभिन्न संत-महापुरुषों की जयंतियां सरकारी स्तर पर नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिख गुरुओं के प्रकाश पर्वों को भी सरकारी समारोहों का हिस्सा बनाया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत विशेष रेल सेवाएं भी संचालित की गई हैं।
संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना’ से घर-घर पहुंच रहे महापुरुषों के विचार
युवा पीढ़ी को संत-महापुरुषों के जीवन, आदर्शों और शिक्षाओं से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना’ प्रारंभ की है। इस योजना के तहत राज्य, जिला और खंड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर महापुरुषों के विचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग भी इस योजना के माध्यम से सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रहा है। मुख्यमंत्री के इन प्रयासों को समाज के विभिन्न वर्गों, सामाजिक संस्थाओं, धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। इन पहलों ने हरियाणा में सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार किया है।

