सेहतः हर तरह की आराम भरी सहूलतें मिलने के चलते आजकल कई लोग नाजुक हो गए हैं। गर्मियों में लोग धूप में बिल्कुल भी नहीं उठते हैं। जहां पहले लोग सुबह उठते ही सूर्य के दर्शन कर कुछ देर धूप में बैठते थे। वहीं, आजकल लोगों के सुबह का टाइम ज्यादातर मोबाइल चलाने, ऑफिस जाने की तैयारी और अन्य कामों में चला जाता है। लेकिन, लंबे समय तक सूर्य की रोशनी या धूप से दूरी बनाने के कारण आपके शरीर की हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि सूर्य की रोशनी हमारे शरीर की हड्डियों को मजबूती प्रदान करने के लिए आवश्यक विटामिन को बनाने में मदद करती है। यदि आपको लंबे समय तक विटामिन डी की कमी हो तो ऐसे में हड्डियों से जुड़ी समस्याएं जैसे जोड़ों में दर्द, ऑस्टियोपोरोसिस या अर्थराइटिस आदि होने की संभावना बढ़ जाती है।
रिपोर्ट के अनुसार सूरज की रोशनी से शरीर को विटामिन डी मिलता है। जब आपकी त्वचा पर सूर्य की रोशनी पड़ती है, तो इससे शरीर के अंदर विटामिन डी बनना शुरू हो जाता है। विटामिन डी शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस को अवशोषित करने में मदद करता है। यही वजह है कि हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाएं रखने के लिए विटामिन डी की मुख्य भूमिका मानी जाती है। यदि शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाए तो ऐसे में कैल्शियम सही तरह से अवशोषित नहीं हो पाता है, जिससे हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं।
विटामिन डी की कमी से व्यक्ति को हड्डियों में दर्द और कमजोरी हो सकती है। जो आगे चलकर अन्य समस्या का कारण बन सकती है। उम्र के साथ शरीर में विटामिन डी की कमी के चलते खासकर बुजुर्गों और महिलाओं को ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या हो सकती है। विटामिन डी की कमी के कारण मांसपेशियों में कमजोरी होने लगती है और इसकी वजह से चोट लगने और गिरने का जोखिम बढ़ जाता है।
एनसीबीआई के अनुसार सूर्य की रोशनी में बैठने से हड्डियों को कमजोर होने से बचाया जा सकता है। इसके लिए आप सुबह व शाम के समय की धूप में बैठ सकते हैं। अध्ययन के अनुसार मिडिल ईस्ट और अफ्रिकाई देशों में गर्मियों में सुबह 10 से 12 के समय को डी3 के लिए बेहतर माना जाता है। दिन के समय सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। सूर्य की रोशनी में आप मात्र 15 से 20 मिनट तक बैठ सकते हैं।
एक्सपर्ट्स की मानें तो बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों में विटामिन डी की कमी होने का जोखिम सबसे अधिक होता है। इससे बचने के लिए आप सुबह व शाम के समय वॉक पर जाएं। अपनी जीवनशैली में आवश्यक बदलाव करें और किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डिस्कलेमरः यह एक सामान्य जानकारी है। ज्यादा जानकारी के लिए डॉक्टर से सलाह लें।
