नई दिल्ली: ईरान पर अमेरिका की हाल की सैन्य कार्रवाई को लेकर रुस ने कड़ी प्रतिक्रिया दे दी है। रुस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस मुद्दे पर कहा है कि अमेरिका ने तेहरान और वॉशिंगटन के बीच में हुए समझौता ज्ञापन का उल्लंघन कर दिया है। उनका आरोप है कि अमेरिकी हमलों से न सिर्फ ईरान बल्कि पर्शियन गल्फ क्षेत्र के नागरिक ठिकानों को भी नुकसान पहुंचा है। इसके कारण पूरे इलाके की स्थिरता पर अब बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
अमेरिका पर रुस ने लगाए गंभीर आरोप
मॉस्को ने चाड के विदेश मंत्री के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सर्गेई लावरोव में कहा कि अमेरिका की नई सैन्य कार्रवाई उस समझौते की भावना के खिलाफ है। इसके जरिए दोनों देशों के बीच में तनाव कम करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि सैन्य कार्रवाई किसी भी विवाद का समाधान नहीं हो सकता है।
नागरिक बुनियादी ढांचों को भी पहुंचा है नुकसान
लावरोव ने यह भी दावा किया है कि ईरान के साथ-साथ पर्शियन गल्फ सहयोग परिषद के सदस्य देशों में भी नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने यह चेतावनी दे डाली है कि इस तरह के हमले क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ाएंगे और शांति बहाल करने की कोशिशों को भी कमजोर करेंगे।
ट्रंप के बयान पर उठे सवाल
रुस के विदेश मंत्री ने यह कहा है कि अमेरिका के साथ होने वाले किसी भी भविष्य के समझौते को लेकर भरोसा करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने अलास्का में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच में हुई वार्ताओं का हवाला देते हुए कह दिया है कि पहले भी कई समझौतों का पूरी तरह से पालन नहीं हुआ है।
अमेरिकी हमलों के विरुद्ध हुआ ईरान
ईरान के विदेश मंत्रालय की ओर से अमेरिकी हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बता दिया है। तेहरान का यह कहना है कि अमेरिका ने युद्ध विराम और तनाव कम करने की दिशा में हुए प्रयासों को कमजोर कर दिया है। ईरान ने यह आरोप भी लगाया है कि हमलों में परिवहन ढांचे, मालवाहक जहाजों और बाकी नागरिक सुविधाओं को भी निशाना बना दिया है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नहीं कम हो रहा तनाव
वहीं ईरान ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यह कह डाला है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मजु में जहाजों की आवाजाही अस्थायी तौर पर रोकने की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा भी किया है कि इस जलमार्ग पर अमेरिका का नियंत्रण है और इसको दोबारा खोल दिया गया है। ऐसे में दोनों देशों के दावों के बीच क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है।
