नई दिल्ली: होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों पर हमला होने के बाद अमेरिका ने ईरान के 5 राज्यों पर एकसाथ हमले किए हैं। अमेरिकी सैन्य हमलों पर ईरान की ओर से अब प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी विदेशी मंत्रालय ने इन हमलों की निंदा करते हुए संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया है। इसके साथ ही ईरान के खिलाफ हमलों में अमेरिका का साथ देने वाले किसी भी देश को जवाबी कार्रवाई की भी चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने वाशिंगटन पर क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करने, अंततराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने और युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। तेहरान ने संयुक्त राष्ट्र से भी इन हमलों के लिए अमेरिका को जवाबदेह ठहराने की अपील की है।
ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को किया खारिज
ईरान ने चेतावनी दी है कि कोई भी देश जो अपने क्षेत्र या फिर सुविधाओं को तेहरान के खिलाफ सैन्य अभियानों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति देता है। उसे रक्षात्मक कार्रवाई के लिए एक वैध लक्ष्य माना जा सकता है। तेहरान ने ओमान के मस्कट में अभी हाल की चर्चओं के परिणामों के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को भी खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के बयान पूरी तरह से झूठ है। वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि वार्ता में होर्मुज स्ट्रेट के मैनेजमेंट और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा से जुड़े व्यवस्थाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
Mr. Spokesperson,
This is not a “military confrontation.” It is the continuation of a blatant and unprovoked act of aggression initiated on 28 February by the United States and Israel.
Iran does not “attack.” Iran’s strikes on U.S. military bases and assets stationed in the… pic.twitter.com/KQVkc2DbZL— Esmaeil Baqaei (@IRIMFA_SPOX) July 12, 2026
ईरान की कार्रवाई को बताया एक सैन्य टकराव
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक ऐसे बयान पर भी आपत्ति जता दी है जिसमें उन्होंने ईरान की कार्रवाई को एक सैन्य टकराव बता दिया था। तेहरान का यह कहना था कि ये सही नहीं है कि बकाई के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने अपने आत्मरक्षा के वैध अधिकार का भी इस्तेमाल किया है। उन्होंने सभी देशों से अपील की है कि वो अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका को ईरान पर हमले के लिए न करने दें। इसके साथ ही उन्होंने यह कहा कि संयुक्त राष्ट्र के दिशा निर्देशों के अनुसार, पर्शियन गल्फ का नाम भी इस्तेमाल करना चाहिए।
ईरान के पांच राज्यों पर अमेरिका ने किए थे हमले
बता दें कि अमेरिका की ओर से रविवार को ईरान के पांच प्रांतों में हमले किए गए हैं। इसमें होर्मुगोजन, मरकाजी, अहवाज, बुशहर, खुजेस्तान और बलूचिस्तान-सिस्तान शामिल है। खुजेस्तान में एक शख्स की मौत हुई है और पांच लोग घायल हैं। सेंटकॉम ने बताया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए हमले शुरु कर दिए हैं। इनको होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों को खतरा पहुंचाने की तेहरान की क्षमता को कम करने के प्रयास के रुप में बताया है। यूएस आर्मी ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सेना को जवाबदेह ठहरानें और होर्मुज से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस कार्रवाई का आदेश दिया था।

