अमृतसरः पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ अमृतसर में लगाए गए विवादित पोस्टरों का मामला अब नया मोड़ लेता दिख रहा है। पोस्टरों पर छपे मोबाइल नंबर की महिला खुद कंपनी बाग पहुंची। महिला ने दावा किया कि जानकारी या अनुमति के बिना उसका नंबर पोस्टरों पर प्रकाशित किया गया। बुटीक का काम करने वाली महिला नेहा शर्मा ने आरोप लगाया कि उसे जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि मतलब नहीं बनता किसी पार्टी का। हम आम नागरिक हैं। कोई लिंक ही नहीं है मेरा इससे। सुबह-सुबह से बार-बार फोन आ रहे हैं। मेरे साथ साजिश की गई है। महिला ने कहा कि वह मामले की शिकायत पुलिस में करेगी। पोस्टरों पर चन्नी को निशाना बनाते हुए कई विवादित नारे लिखे गए थे।
एक पर लिखा था, “घर-घर दे विच चली गल, चन्नी चल्या भाजपा वल।” दूसरे पोस्टर में लिखा था, “राहुल गांधी से कांग्रेसियों की एक ही पुकार, चन्नी को कांग्रेस से करो बाहर।” वहीं तीसरे पोस्टर पर लिखा था, “चन्नी जी, आपने भाजपा की क्यों मानी जी? सामने आओ चन्नी जी।” बुधवार सुबह सैर करने पहुंचे लोगों की नजर जैसे ही इन पोस्टरों पर पड़ी, उन्होंने इसे पढ़ना शुरू कर दिया। कई लोगों ने पोस्टरों के फोटो और वीडियो भी बनाए। हालांकि, इस मामले पर अभी तक कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, पोस्टर लगाने वालों की भी आधिकारिक तौर पर पहचान नहीं हो पाई है। फिलहाल इन पोस्टरों ने पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं पार्टी के भीतर जारी मतभेद और गुटबाजी की ओर इशारा करती हैं। हालांकि, पोस्टरों के पीछे किसका हाथ है और उनका उद्देश्य क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इन पोस्टरों के सामने आने के बाद शहर में राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। चर्चा है कि ये पोस्टर अमृतसर के कुछ कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए हैं, जिन्हें पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का करीबी समर्थक माना जाता है। पंजाब चुनाव से पहले पूर्व CM व जालंधर सांसद चरणजीत चन्नी जमकर बागी तेवर दिखा रहे हैं। अब उनकी टक्कर सिर्फ प्रदेश प्रधान अमरिंदर राजा वड़िंग से नहीं बल्कि सीधे हाईकमान से होती नजर आ रही है। हाईकमान के भेजे AICC प्रभारी भूपेश बघेल का वह बायकॉट कर चुके हैं। वड़िंग की अगुआई वाले कार्यक्रमों में चन्नी के समर्थन में नारे लग रहे हैं।