लुधियानाः वृंदावन में हुए नाव हादसे में घायल जगराओं की रहने वाली रेखा जैन की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। सोमवार सुबह अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत इलाज के लिए वृंदावन के रामकृष्ण मिशन अस्पताल से चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल रेफर किया गया।
PGI चंडीगढ़ में इलाज न मिलने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि चंडीगढ़ पहुंचने के बाद भी रेखा जैन को सही समय पर इलाज नहीं मिल पाया। अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि PGI में बेड की कमी के कारण उन्हें भर्ती करने में दिक्कत हुई।
मजबूरी में लुधियाना के DMC अस्पताल ले जाया गया
इलाज न मिलने की वजह से परिवार को मजबूर होकर रेखा जैन को लुधियाना के DMC अस्पताल ले जाना पड़ा। अब उनका इलाज वहीं किया जाएगा। परिवार ने पंजाब सरकार का धन्यवाद किया।
बेटे ने सुनाई पूरी आपबीती
रेखा जैन के बेटे श्वेत जैन ने बताया कि अस्पताल में उनकी मां की हालत बहुत खराब थी, लेकिन कोई डॉक्टर या स्टाफ समय पर ध्यान नहीं दे रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने जगराओं की एसडीएम को कई बार फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
बेटे के साथ दर्शन करने गई थीं वृंदावन
रेखा जैन अपने बेटे श्वेत जैन के साथ वृंदावन दर्शन करने गई थीं। उसी दौरान वे उस नाव में सवार थीं, जो यमुना नदी में डूब गई थी। हादसे के बाद से ही उनका इलाज चल रहा था, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था।
ऑक्सीजन सपोर्ट पर लाया गया था चंडीगढ़
श्वेत जैन ने बताया कि उनकी मां को सांस लेने में काफी परेशानी हो रही थी, इसलिए उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर ही चंडीगढ़ लाया गया था।
सामान्य वार्ड में भर्ती, नहीं मिला सही इलाज
परिजनों का कहना है कि PGI पहुंचने के बाद उन्हें एक सामान्य वार्ड में रखा गया, जहां पहले से ही करीब 100 मरीज मौजूद थे। भीड़ ज्यादा होने के कारण सही तरीके से इलाज नहीं मिल पाया और उनकी हालत और बिगड़ती गई।
प्रशासन से नहीं मिली कोई मदद
श्वेत जैन ने भावुक होकर बताया कि सरकार और प्रशासन बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जरूरत के समय कोई मदद नहीं मिल रही। उन्होंने यह भी कहा कि शाम करीब 5 बजे एंबुलेंस उन्हें PGI में छोड़कर वापिस चली गई, जिससे वे खुद को बिल्कुल अकेला और असहाय महसूस करने लगे।