इस्लामाबादः पाकिस्तान में एनआरआई बच्ची की मौत की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार परिवार ऑस्ट्रेलिया से चकवाल शहर में अपने रिश्तेदारों से मिलने आया था। बुधवार रात वे किराये की कार से सफर कर रहे थे, तभी कुछ बदमाशों ने उन्हें घेर कर उनके गहने लूट लिए थे। बच्ची की पहचान 9 साल की हानिया अहमद के रूप में हुई है। हानिया अपने परिवार के साथ पाकिस्तान घूमने आई थी।
सूत्रों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर के केवडेल इलाके का यह परिवार चकवाल शहर में आया हुआ था। आरोपी गहने लूट कर मोटरसाइकिल पर भाग रहे थे। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी की नजर उन पर पड़ गई। लुटेरे मौके से फरार हो गए और परिवार भी वहां से आगे बढ़ गया।
पुलिस ने गलती से परिवार की कार को लुटेरों की गाड़ी समझ लिया और उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस दौरान गोली लगने से 9 साल की बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसके पिता और बड़े भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। बच्ची की मां सुरक्षित है। संदिग्ध लुटेरों ने एक पुलिस अधिकारी पर गोली चलाई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। हालांकि हानिया के पिता ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि पुलिस ने ही सबसे पहले गोली चलाई थी।
इस घटना पर बयान देते ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। जांच पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि सबसे पहले परिवार और फिर बाकी लोगों को भी सच्चाई पता चल सके।
ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रालय ने घटना की पुष्टि करते कहा कि वह मृत बच्ची के परिवार और घायल ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को हरसंभव कांसुलर सहायता उपलब्ध करा रहा है। मंत्रालय ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की। यह परिवार हाल ही में मक्का की धार्मिक यात्रा (हज/उमरा) पूरी करके पाकिस्तान पहुंचा था।
पुलिस ने गोली चलाने वाले अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। घटना की जांच के लिए एक संयुक्त जांच टीम (जॉइंट इन्वेस्टिगेशन टीम) भी बनाई गई है। पुलिस का कहना है कि लूटपाट में शामिल दो संदिग्ध लोगों को बाद में एक अलग मुठभेड़ में मार गिराया गया। पाकिस्तान के सीनियर पुलिस अधिकारियों ने इसे गलत पहचान की वजह से हुई एक दुःखद घटना बताया है और कहा है कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के जरिए परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।
