अमृतसरः बैसाखी और खालसा साजना दिवस के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सचखंड श्री दरबार साहिब के दर्शन किए और धन्य श्री गुरु गोबिंद सिंह जी को याद किया। सुबह से ही श्रद्धालुओं ने दरबार साहिब के पवित्र सरोवर में स्नान किया। गुरु घर में मत्था टेकने पहुंचे और गुरबानी कीर्तन का आनंद लिया। पूरा दिन आस्था और भक्ति के रंग में रंगा रहा।
शाम को श्रद्धालुओं ने सरोवर के किनारों पर सुंदर दीपमाला सजाई, जिससे पूरा परिसर रोशनी से जगमगा उठा। इस मनमोहक दृश्य ने हर किसी के मन को शांति और खुशी से भर दिया। रहरास साहिब के पाठ के बाद, दरबार साहिब में आतिशबाजी का एक अलौकिक प्रदर्शन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े।
श्रद्धालुओं ने बताया कि 1699 ईस्वी में गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा खालसा पंथ की स्थापना की गई थी और वे इस पवित्र दिन को मनाने के लिए यहां मत्था टेकने आए हैं। उन्होंने कहा कि गुरु के घर आने से मन को असीम शांति मिलती है और यह दिन हर सिख के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।