लुधियानाः थाना डिवीजन-6 के अंतर्गत आते कोट मंगल सिंह नगर में शनिवार देर रात सरेआम गुंडागर्दी देखने को मिला। एक चौंकाने वाले प्रेम प्रसंग के विवाद में 7-8 बदमाशों ने एक रिहायशी मकान को निशाना बनाते फायरिंग कर दी। चौंकाने वाली बात यह है कि हमलावर अचानक नहीं आए बल्कि उन्होंने बाकायदा फोन करके पहले धमकियां दीं और फिर फॉर्च्यूनर कार में सवार होकर इस वारदात को अंजाम दिया।
घटना के चश्मदीद एक पीड़ित के पिता ने बताया कि उनके पास परमिंदर नाम के एक युवक का फोन आया था। फोन पर उसने कहा, तुम अभी बाज नहीं आ रहे। उन्होंने ने स्पष्ट किया कि उनका उस लड़की से कोई लेना-देना नहीं है जिसे शादी करनी है वो करे वे बीच में नहीं आते। इसके बावजूद फोन करने वाले ने धमकाते कहा कि गाड़ी में पिस्तौल रख ली है, हम आ रहे हैं तुम्हारी रीढ़ की हड्डियां तोड़ने।
पीड़ित के मुताबिक इस धमकी के कुछ ही देर बाद गली नंबर 19 में एक फॉर्च्यूनर कार आकर रुकी और बदमाशों ने सीधा उन पर दो फायर कर दिए। पिता ने फुर्ती दिखाते हुए पास खड़े बेटे को परे धकेल दिया,जिससे एक बड़ा जानी नुकसान होने से टल गया।
इस हमले में बाल-बाल बचे 22 वर्षीय पीड़ित नौजवान इंद्रपाल सिंह ने बताया कि उसका किसी के साथ कोई बैर या लड़ाई नहीं थी न ही वह उस लड़की से बात करता है। फिर भी उस पर पिस्तौल तान दी गई। वहीं पिता ने आरोप लगाया है कि जब वे गली में अपनी गाड़ी बैक कर रहे थे तभी हमलावर वहां पहुंचे। उन्हें सटीक लोकेशन जरूर उस लड़की या उसके भाई ने फोन करके दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस गुंडागर्दी से डरकर अपना घर या मोहल्ला नहीं छोड़ेंगे और पुलिस से हमलावरों पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है।
थाना डिवीजन-6 के प्रभारी प्रमोद राज तुरंत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
एसएचओ प्रमोद राज ने बताया कि पीड़ित इंद्रपाल के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और पुलिस ने घटनास्थल से एक कारतूस का खाली खोल भी बरामद कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरा विवाद इलाके की ही एक युवती के प्रेम प्रसंग से जुड़ा है।
आशंका है कि लड़की के ब्वॉयफ्रेंड ने दबाव और दहशत बनाने के लिए अपने दोस्तों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया है। फिलहाल पुलिस इलाके के सभी निजी और व्यापारिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि फॉर्च्यूनर कार का नंबर और आरोपियों का हुलिया ट्रेस कर उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
