फ़िरोज़पुर : मानसून अगले महीने से शुरू होने वाला है। फ़िलहाल पड़ रही भीषण गर्मी से लोगो परेशान है। हाल ही मे पंजाब, हिमाचल और चंडीगढ़ में बड़ी बारिश से कुछ समय के लिए लोगो को गर्मी से निजात मिली है। लेकिन इस बारिश ने नदियों के जलस्तर मे बढ़ोतरी भी की है।व्यास के पानी का स्तर 7 से 8 के ऊपर पहुँच चुका है, जो आम लोगो के लिए गभीर और घातक बनकर निकल सकता है।
भीषण गर्मी के कारण पहाड़ी इलाकों में बर्फ पिघलने लगी है, जिसका असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। बांधों में जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ फिरोजपुर से होकर बहने वाली सतलुज नदी का जलस्तर भी करीब 7 से 8 फीट बढ़ गया है। इस वजह से नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को एक बार फिर बाढ़ का खतरा सताने लगा है।
पिछला नुकसान
पिछली बाढ़ के दौरान फिरोजपुर में सतलुज नदी के किनारे बसे कई गांवों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। लोग पिछली बाढ़ के सदमे और नुकसान से पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि सतलुज के बढ़ते जलस्तर ने उनकी चिंताएं फिर बढ़ा दी हैं।
वहीं, ‘यूनाइटेड सिखों’ (United Sikhs) संगठन, जो लंबे समय से फिरोजपुर की बस्ती राम लाल में सतलुज नदी के किनारे बांध बनाने का काम कर रहा है, उसे भी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नदी में पानी बढ़ने से बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सतलुज नदी में पानी बढ़ने के कारण बांध बनाने में हमें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पानी में पत्थर डालने पर डूब जाता है, जबकि बांध भी ओवरफ्लो हो गए हैं। संगठन के आगु ने संगत से अपील की है की वे बड़ी संख्या में यहां पहुंचें, तांकि बाढ़ आने से पहले सतलुज नदी के किनारों को मजबूत और ठीक किया जा सके।
