नई दिल्ली: ब्रिटेन ने रुस की शैडो फ्लीट के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए एक प्रतिबंधित ऑयल टैंकर को इंग्लिश चैनल में रोक लिया है। प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने रविवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह कार्रवाई रुस की युद्ध मशीन को आर्थिक झटका देने की दिशा में अहम है।
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रविवार तड़के शुरु हुए करीब छह लंबे ऑपरेशन में ब्रिटिश सशस्त्र बलों, रॉयल मरीन कमांडो और नेशनल क्राइम एजेंसी के विशेष अधिकारियों ने टैंकर स्मिर्टोस पर चढ़कर उसे अपने नियंत्रण में लिया है। इस अभियान में ब्रिटिश वायुसेना ने भी अहम भूमिका निभाई है।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि टैंकर को फिलहाल इंग्लैंड के दक्षिणी तट के पास निगरानी में रखा गया है जबकि मामले की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जहाज की गतिविधियों और उसके स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
पुतिन को चोट पहुंचाने के लिए कार्रवाई
प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा कि यह सफल अभियान रुस के लिए एक और बड़ा झटका है। उन्होंने कहा कि जो लोग यूक्रेन में युद्ध जारी रखने के लिए रुसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कोशिशों को आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं। उन्हें यह संदेश मिल जाना चाहिए कि ब्रिटेन उन्हें छिपने नहीं देगा। ब्रिटेन के रक्षा मंत्री डेन जार्विस ने भी कहा कि रुस अपनी शैडो फ्लीट के जरिए यूक्रेन युद्ध के लिए धन जुटाता है। यह कार्रवाई सीधे तौर पर पुतिन के युद्ध प्रयासों पर चोट है।
रुस का शैडो फ्लीट
रुस पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद मॉस्को ने सैंकड़ों तेल टैंकरों का एक नेटवर्क तैयार किया है जिसे शैडो फ्लीट कहते है। इन जहाजों को मालिकाना सरंचना अक्सर अस्पष्ट होती है और इनका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचते हुए रुसी तेल की बिक्री के लिए किया जाता है।
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रुस के प्रतिबंधित तेल का करीबन 75 प्रतिशत हिस्सा इसी शैडो फ्लीट के जरिए दुनिया के अलग-अलग बाजारों तक पहुंचाया जाता है। इस नेटवर्क में 700 से ज्यादा जहाज शामिल बताए जाते हैं जो क्रेमलिन के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बने हुए हैं।
ब्रिटेन ने 500 से ज्यादा जहाजों पर लगाया बैन
ब्रिटेन अब तक इस नेटवर्क से जुड़े 500 से ज्यादा जहाजों पर प्रतिबंध लगा चुका है। इन प्रतिबंधों के अंतर्गत ऐसे जहाज ब्रिटिश बंदरगाहों में प्रवेश नहीं कर सकते हैं। साथ ही ब्रिटिश कंपनियों और नागरिकों को इन जहाजों के लिए वित्तीय, बीमा या ब्रोकरेज सेवाएं देने से भी रोका गया है।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह पूरा ऑपरेशन फ्रांस के साथ करीबी कोऑर्डिनेशन में चलाया गया है। हाल के महीनों में ब्रिटेन और फ्रांस रुस की शैडो फ्लीट पर दबाव बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। ब्रिटिश सरकार का कहना है कि उसका मकसद रुस की तेल आय को कम करना और यूक्रेन युद्ध के लिए मिलने वाली फंडिंग को रोकना है।
