मूर्तियां खंडित करने पर कार्यवाही न होने से भडक़े हिंदू संगठन
बददी : दून विधानसभा की लोदीमाजरा पंचायत के तहत बनबीरपुर मनसा देवी मंदिर में कुछ शरारती तत्वों द्वारा माता की मूर्तियां खंडित किए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। एक हफते पहले हुए इस हादसे में पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किए जाने पर हिंदू संगठनों ने मानपुरा थाना घेर लिया और जमकर प्रदर्शन व नारेबाजी की। बजरंग दल व गौरक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमारे पवित्र मंदिर कुछ असामाजिक तत्वों ने तोडफोड की और मूर्तियों को खंडित किया जिससे संपूर्ण हिंदू समाज आहत है। हिंदू नेता विक्रम सिंह भडाना ने हमें पता चला है कि इस मामले को दूसरे समुदाय के कुछ लोगों द्वारा अंजाम दिया गया था।
पुलिस ने क्यों नही की कार्यवाही-भड़ाना
हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि विक्रम सिंह भडाना ने कहा कि 3 जून को यह घटना हुई थी जब मंदिर में माता की मूर्तियों को खंडित ही नहीं किया गया बल्कि उसको आग लगाकर जला दिया गया था। उन्होने कहा एक मुस्लिम नाबालिग बच्चे ने जो कि एक चश्मदीत था गांववालों के पकडे जाने पर बताया था कि एक लडक़ा व एक लडक़ी ने इस घृणित कार्य को अंजाम दिया था। बाद में ग्रामीणों ने वो चश्मदीत बच्चा पुलिस को सौंप दिया गया था। विक्रम ने कहा हमें यह भी पता चला कि ढेला पंचायत के एक मुस्लिम धर्मगुरु मौलवी ने इस कार्य के लिए आरोपियो को उकसाया था। विक्रम भडाना ने कहा कि पुलिस ने बच्चे से व्यापक पूछताछ करने की बाद उसको उसके मामा के पास सौंप दिया था और उसी दिन से यह बच्चा गायब है। वहीं मौलवी से भी पूछताछ में कुछ नहीं निकला। उन्होने कहा कि जो दो व्यक्ति माता की मूर्तियां व अंग वस्त्र जलाने के आरोपी है उनकी लोकेशन भी 250 किलोमीटर दूर आ रही है और एक हफते से पुलिस ने जो ढिलाई बरती यह उसी का नतीजा है। इस अवसर पर गौरक्षा दल के अध्यक्ष डीडी राणा, प्रदीप ठाकुर व हुसन चंद चौधरी ने भी अपने विचार रखे।
दो दिन का समय दो कार्यवाही हो रही-एसएचओ
प्रदर्शकारियों के उग्र प्रदर्शन के बाद थाना प्रभारी मानपुरा संजय कुमार ने कहा कि हमें दो दिन का समय दे दो। हमने आरोपियों को पकडने के लिए अलग अलग टीमें गठित कर दी है और रवाना कर दी है। उन्होने कहा कि पुलिस कानून अनुसार यथासंभव कार्य कर रही है। वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर समय रहते कार्यवाही हुई तो मानपुरा एनएच फोरलेन पर चक्का जाम किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
