जालंधर, 13 जून: भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में जालंधर के साईं दास स्कूल मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘एक शाम शिव के नाम’ में शनिवार शाम श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस भव्य आयोजन में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, वरिष्ठ संत-महात्मा, महा मंडलेश्वर तथा हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध भजन गायक हंसराज रघुवंशी रहे, जिन्होंने भगवान शिव और भगवान परशुराम को समर्पित भजनों से पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में डूबे रहे और कार्यक्रम स्थल ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंजता रहा।

‘एक श्याम शिव के नाम ‘ मे उमड़ा जन सैलाब, भोले के रंग में रंगे शहरवासी
सभा को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान परशुराम केवल एक समुदाय के नहीं बल्कि पूरी मानवता के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम ने अन्याय, अत्याचार और शोषण के खिलाफ संघर्ष का संदेश दिया तथा ज्ञान और शक्ति के संतुलन का आदर्श प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा, “भगवान परशुराम शास्त्र और शस्त्र दोनों के प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि समाज में अन्याय, भेदभाव और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाना हमारा कर्तव्य है। उनके आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने हजारों वर्ष पहले थे।”
केजरीवाल ने कहा कि पंजाब की धरती हमेशा संतों, गुरुओं और महापुरुषों की शिक्षाओं पर चलती रही है। पंजाब सरकार भी सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और धार्मिक सौहार्द को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

युवाओं को शिक्षा और कौशल से सशक्त बना रही सरकार
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जिस प्रकार भगवान परशुराम ज्ञान के प्रतीक थे, उसी प्रकार पंजाब सरकार भी युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है।
पहली बार राज्य स्तर पर मनाई गई भगवान परशुराम जयंती
केजरीवाल ने कहा कि वर्ष 2025 में पहली बार पंजाब सरकार ने भगवान परशुराम जयंती को राज्य स्तर पर मनाने की शुरुआत की थी। इसके अलावा अप्रैल 2026 में पहली बार हिंदू नववर्ष का राज्य स्तरीय आयोजन भी किया गया।
उन्होंने बताया कि अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि आश्रम के लंबित विकास कार्यों को भी सरकार ने 25 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर पूरा कराया है।

पंजाब की धरती पर नफरत के बीज नहीं उग सकते: CM भगवंत मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब की पवित्र और उपजाऊ धरती पर हर प्रकार की फसल उग सकती है, लेकिन नफरत और वैमनस्य के बीज कभी नहीं पनप सकते।
उन्होंने कहा, “हमारे गुरुओं और संतों ने हमें प्रेम, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का मार्ग दिखाया है। पंजाब में हर धर्म और समुदाय के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव करुणा, दया और क्षमा के प्रतीक हैं। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, आपसी प्रेम और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं।
सभी धर्मों को समान सम्मान दे रही पंजाब सरकार
भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार सभी धर्मों और आस्थाओं को समान सम्मान देने की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किए और अब श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को भी भव्य रूप से मनाने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह अवसर करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है और सरकार इसे यादगार बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का होगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत पंजाब के श्रद्धालुओं को श्री हरमंदिर साहिब, श्री दुर्गियाना मंदिर, श्री आनंदपुर साहिब, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल और माता नैना देवी सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों की निशुल्क यात्रा करवाई जा रही है।
उन्होंने घोषणा की कि अब इस योजना का विस्तार करते हुए हरिद्वार, श्री खाटू श्याम जी, सालासर बालाजी धाम और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ किसी भी जाति, धर्म या आय वर्ग का व्यक्ति उठा सकता है।
धार्मिक ग्रंथों के प्रकाश वाले वाहनों को टैक्स से छूट
मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि विभिन्न धर्मों के पवित्र ग्रंथों के प्रकाश के लिए इस्तेमाल होने वाले विशेष वाहनों को मोटर वाहन कर से छूट दे दी गई है।
उन्होंने बताया कि पंजाब में ऐसे लगभग 25,000 वाहन हैं, जिनसे पहले प्रतिवर्ष करीब 10,000 रुपये टैक्स लिया जाता था। सरकार के इस फैसले से धार्मिक संस्थाओं और संगठनों को सालाना 20 से 25 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी।
सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होने की अपील
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लोगों से जात-पात, धर्म और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर पंजाब की एकता और भाईचारे को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर नशामुक्त, खुशहाल और रंगला पंजाब बनाने के लिए योगदान देना चाहिए।
इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, मोहिंदर भगत, सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
