पटियालाः जिले में सरकारी राजिंदरा अस्पताल में वीडियो बनाने को लेकर देर रात विवाद होने की घटना सामने आई थी। दरअसल, बिहार में तैनात सीआरपीएफ जवान सोनू सिंह ने डीएसपी संजीव सिंगला पर थप्पड़ मारने, पगड़ी उतारने और मोबाइल छीनने के आरोप लगाए थे। विरोध में जवान अपनी पत्नी के साथ अस्पताल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गया था। वहीं, पुलिस ने आरोपों को नकारते हुए डॉक्टरों की ओर से जवान की शिकायत का हवाला दिया था। इसी मामले को लेकर आज मामले को लेकर सिटी के एसपी ने खुलासा किया। एसपी ने कहाकि सोनू सिंह SSB (सशस्त्र सीमा बल) की 70वीं बटालियन में UP के लखीमपुर खीरी में पोस्टेड है, वह डिप्रेशन के इलाज के लिए राजिंदरा अस्पताल, पटियाला आया था।
सोनू सिंह मेडिकल रेस्ट की मांग कर रहा था, जबकि डॉक्टरों ने पहले ट्रीटमेंट करवाने को कहा, जिससे उसने इन्कार कर दिया। इसके बाद उसने कथित तौर पर डस्टबिन से इंजेक्शन आदि उठाकर डॉक्टरों पर मेडिकल रेस्ट देने का दबाव बनाया। इस मामले को लेकर SSB यूनिट से जब संपर्क किया गया तो पता चला कि सोनू सिंह के खिलाफ विभागीय जांच भी चल रही है। अस्पताल प्रशासन की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है, पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिवार ने बताया कि सोनू सिंह दिमागी तौर पर ठीक नहीं है। सोनू सिंह का भाई राजस्थान में फौज में तैनात है और ससुर भी फौज में तैनात है। ऐसे में उन्होंने कहा कि सोनू सिंह की सेहत ठीक नहीं है और उसकी कई बार पत्नी इमोशनल हो जाती है।
सोनू सिंह का पहले भी कई बार ईलाज करवाया जा चुका है और उसकी पहले भी कंडीशन कई बार आउट ऑफ कंट्रोल हो जाती थी। ऐसे में अब दोबारा से सोनू सिंह को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। परिवार देर रात हुई घटना को लेकर शर्मिंदा है। एसपी ने कहाकि अस्पताल में डॉक्टरों के बयानों पर मामला दर्ज करके परिवार से बातचीत की जा रही है। बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि बीते दिन पत्नी के आरोप लगाए थे कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वे बाहर बैठे थे। इसी दौरान सादे कपड़ों में पहुंचे डीएसपी संजीव सिंगला ने जवान को थप्पड़ मारा और उनकी पगड़ी उतार दी थी। एक पुलिसकर्मी पर मोबाइल फोन छीनने का आरोप भी लगाया गया था। राजिंदरा अस्पताल पुलिस चौकी के प्रभारी करनैल सिंह ने मारपीट और मोबाइल छीनने के आरोपों को खारिज किया गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल के डॉक्टरों ने जवान के व्यवहार को लेकर शिकायत दी थी। फिलहाल, दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।
