अमृतसरः जिले के खजाना गेट के पास पत्ते वाली गली में कबूतरबाज़ी को लेकर चल रही पुरानी रंजिश उस समय खूनी रूप ले लिया, जब कुछ लोगों ने एक नौजवान और उसके परिवार पर तेजधार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में दो भाई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में इलाज के दौरान नीरज शर्मा और करण शर्मा ने बताया कि वे शौक के तौर पर कबूतर रखते हैं। इस बात को लेकर मोहल्ले के कुछ लोग उनसे रंजिश रखते थे और पहले भी कई बार झगड़े हो चुके थे। पीड़ितों के अनुसार, घटना वाले दिन विरोधी पक्ष ने उनके पिता को फोन करके बातचीत के बहाने बाहर बुलाया।
प्रभावितों ने बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे तो वहां पहले से ही हमलावर डंडों, बेसबॉल और लोहे की रॉडों से लैस खड़े थे। गली के मोड़ पर उन्हें घेर कर बेरहमी से हमला कर दिया गया। जब करण शर्मा अपने भाई को बचाने के लिए आगे आया तो हमलावरों ने उसके सिर पर डंडे से कई वार किए। पीड़ित नीरज शर्मा ने बताया कि जान बचाने के लिए वह नजदीकी एक हलवाई की दुकान में भाग गया, पर हमलावरों ने वहां भी पीछा कर के अंदर घुसकर हमला जारी रखा। इस हमले में नीरज के सिर, पीठ और बाजुओं पर गंभीर चोटें आई हैं, जबकि उसकी एक पैर की हड्डी भी टूट गई है।
करण शर्मा के सिर पर 5 से 7 डंडे के वार हुए हैं और बाजू पर भी गहरी चोट आई है। वहीं बचाने के प्रयास में पीड़ितों की मां भी घायल हो गईं, जिनकी ठोड़ी पर चोट लगी है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि हमले में पलविंदर, उसका पिता, जवाई और कुछ औरतें भी शामिल थीं। परिवार ने पुलिस से इंसाफ की गुहार लगाते हुए हमलावरों के खिलाफ धारा 307 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। पीड़ितों का कहना है कि हमलावर पहले भी नशे और अन्य मामलों में जेल जा चुके हैं और अब भी उनकी जान को खतरा बना हुआ है। मामले के संबंध में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह झगड़ा कबूतरबाज़ी को लेकर हुआ था और दोनों पक्षों को चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के मेडिकल रिपोर्टों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

