ट्रॉमा वार्ड में शिफ्ट किए गए इमरजेंसी मरीज
जालंधर, ENS: सिविल अस्पताल में सीवरेज को लेकर चल रहे निर्माण के दौरान पॉवर कट से मरीज परेशान हो रहे है। मिली जानकारी के अनुसार 23 जून से लेकर अब तक अस्पताल में लगातार बिजली के कट लग रहे है। जिसके कारण इमरजेंसी वार्ड में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर मेडिकल सुपरिटेंडेंट को स्टाफ द्वारा अवगत करवा दिया गया है। बताया जा रहा है कि अब मेडिकल सुपरिटेंडेंट नमिता घई द्वारा बिजली विभाग को सूचना दे दी गई है और आज शाम तक समस्या को हल किए जाने का आश्वासन दिया गया है। मामले की जानकारी देते हुए मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने बताया कि अस्पताल में पिछले 7 से 8 महीनों से सीवरेज का काम चल रहा है। इस दौरान जेसीबी के जरिए गड्ढे बनाए गए। जेसीबी से अंडरग्राउंड तारों को नुकसान हो गया था। यह मामला उनके ध्यान में 23 जून को आया था। जिसके बाद निजी बिजली कर्मी द्वारा खराब तार को काटकर जोड़ लगा दिया था।उन्हें लगा कि इससे समस्या का हल हो जाएगा, लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ।
जिसके बाद अन्य कर्मी को रिपेयरिंग के लिए बुलाया गया और पता चला कि जिन गड्ढों का निर्माण करके उन्हें मिट्टी से भर दिया गया था, वहां पर भी बिजली की तारों में समस्या थी। जिसके बाद दोबारा से खुदवाई करवाई गई और देखा कि सारी तार खराब हो गई थी। इस दौरान बारिश होने के कारण गड्ढो में पानी भर गया था। पानी खाली करवाकर 10 तारीख को काम दोबारा से शुरू कर दिया गया था। ऐसे में इमरजेंसी वार्ड सहित अन्य वार्ड में बिजली की सप्लाई का हल कर लिया गया था, लेकिन कल से दोबारा समस्या शुरू हुई है। जिसके पूरे अस्पताल में पॉवर कट लग गया। ऐसे में जनरेटर चलाने के दौरान धुंआ निकलने लगा और जनरेटर को बंद कर दिया गया। लेकिन इस समस्या के दौरान इमरजेंसी वार्ड के मरीजो को ट्रॉमा वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया और किसी मरीज को कोई समस्या आने नहीं दी गई। आज सुबह भी बिजली की सप्लाई होने के बाद दोबारा से समस्या को हल किया जा रहा है।
वहीं स्टाफ की ओर से कहा गया कि देर रात स्टाफ और मरीज को लाइट की समस्या को लेकर काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी को लेकर वह एमएस के पास समस्या का समाधान लेकर पहुंचे थे और उन्होंने आज समस्या को हल करने का आश्वासन दिया है। वहीं कांग्रेस नेता राजिंदर बेरी ने कहा कि उन्हें मरीज का फोन आया था। जिसके बाद आज सुबह भी मरीज ने फोन करके बताया कि अस्पताल में पानी और बिजली की समस्या से वह परेशान हो रहे है। जिसके बाद वह घटना स्थल पर पहुंचे और एमएस से समस्या को लेकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि 17 दिनों से अस्पताल में बिजली की समस्या आ रही है। ऐसे में उन्होंने सेहत मंत्री से समस्या को हल करने की अपील की है।
