लुधियानाः पंजाब में आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। दरअसल, बंदी सिंहों (लंबे समय से जेलों में बंद सिख कैदियों) की रिहाई की मांग को लेकर मोहाली में पक्का मोर्चा लगाए बैठे कौमी इंसाफ मोर्चा ने अब अपने प्रदर्शन को पंजाबव्यापी बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। लुधियाना में आज हुई अहम बैठक के बाद मोर्चे के प्रवक्ताओं ने बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। कौमी इंसाफ मोर्चे के इस अचानक और बड़े ऐलान के बाद पंजाब पुलिस-खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
मोर्चे के मुख्य प्रवक्ता गुरदीप सिंह बठिंडा और गुरिंदर सिंह भंगू ने केंद्र सरकार को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए आगामी दिनों के लिए आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने की बात कही है। कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से ऐलान किया गया है कि 9 जून को लाडोवाल टोल प्लाजा फ्री: लुधियाना का सबसे व्यस्त रहने वाला लाडोवाल टोल प्लाजा दोपहर 12 बजे से लेकर 2 बजे तक (2 घंटे के लिए) पूरी तरह ‘पर्ची मुक्त’ यानी टोल फ्री किया जाएगा। वहीं 4 जुलाई को रेल रोको आंदोलन में राजपुरा से दोपहर 12 से 2 बजे तक (2 घंटे के लिए) रेल चक्का जाम किया जाएगा, जिससे दिल्ली-अमृतसर रूट पर रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
जिसके बाद 15 अगस्त पर सबसे बड़ा और विवादास्पद ऐलान 15 अगस्त को लेकर किया गया है। जहां एक तरफ पूरा देश आजादी का जश्न मना रहा होगा, वहीं कौमी इंसाफ मोर्चा बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर पंजाब के राज्यपाल (गवर्नर) के घेराव के लिए कूच करेगा। बैठक के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए मोर्चे के नेताओं ने कहा कि वे देश-विदेश और पंजाब की संगत के सहयोग से इस आंदोलन को हर घर तक पहुंचा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई सिख कैदी अपनी सजा पूरी करने के बावजूद बिना किसी ठोस कानूनी आधार के जेलों में बंद हैं। कौमी इंसाफ मोर्चा ने साफ किया है कि अब बातचीत का समय समाप्त हो चुका है और जब तक इन कैदियों की रिहाई नहीं होती, तब तक प्रदर्शन और तेज किए जाएंगे।
