ज़ीरकपुरः जिले में पुलिस ने वीआईपी रोड स्थित मोना ग्रीन सोसाइटी में चल रहे ऑनलाइन सट्टेबाजी और ठगी के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा ब्लॉक-सी के फ्लैट नंबर 1202 पर अचानक छापेमारी की। जहां 12वीं मंजिल पर बैठकर आरोपी देशभर के लोगों को ऑनलाइन सट्टा और बड़े मुनाफे का सपना दिखाकर ठगी का शिकार बना रहे थे। गिरफ़्तार किए गए 5 आरोपियों मूल निवासी राजस्थान के हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं, जिनका उपयोग इस गैरकानूनी धंधे को चलाने के लिए किया जा रहा था। जांच के दौरान सामने आया है कि इस गिरोह ने आईपीएल और अन्य निजी क्रिकेट लीगों में सट्टा लगाकर थोड़े समय में बड़ी कमाई का लालच दिया।
सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के जरिए लोगों से संपर्क कर उन्हें निवेश करने और सट्टेबाजी में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया जाता था। जैसे ही कोई व्यक्ति इन के बताए बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करता, गिरोह उसकी रकम अपने कब्जे में लेकर संपर्क तोड़ देता था। इस प्रकार कई लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने का खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार पुलिस टीम को गश्त के दौरान एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि मोना ग्रीन सोसाइटी के एक फ्लैट में ऑनलाइन सट्टेबाजी का गैरकानूनी कारोबार चल रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फ्लैट पर छापामारी की और पांचों आरोपियों को मौके से ही काबू कर लिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल फोन और लैपटॉप में मौजूद डिजिटल डेटा की बारीकी से जांच की जा रही है।
यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक देशभर में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और कितनी बड़ी रकम की ठगी की है। पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क से और भी लोग जुड़े हो सकते हैं और रिमांड के दौरान कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। पुलिस ने पांचों के खिलाफ जुए के एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कर उन्हें अदालत में पेश किया। अदालत ने सभी आरोपियों को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, ताकि इस पूरे रैकट के अन्य साथियों और ठगी के जाल के बारे में और जानकारी हासिल की जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
