मोहालीः लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) नीति के विरोध में ज्वाइंट एक्शन कमेटी पंजाब के आह्वान पर राज्य भर की बार एसोसिएशनों द्वारा चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल नौवें दिन भी पूरे जोश से जारी रही। डेराबस्सी बार एसोसिएशन के वकीलों ने अदालती कामकाज का पूर्ण बहिष्कार करते हुए अदालत के मुख्य द्वार के आगे धरना दिया, रोष प्रदर्शन किया और कुछ समय के लिए तहसील रोड पर यातायात भी रोका।
बार एसोसिएशन डेराबस्सी के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह दप्पर ने बताया कि 14 जुलाई को पंजाब की सभी बार एसोसिएशनों के अध्यक्षों और पदाधिकारियों की बैठक पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज की अध्यक्षता में गठित समिति के साथ हुई थी। इस बैठक के दौरान वकील समुदाय ने एलएडीसी नीति की खामियों और इससे वकीलों पर न्याय प्रणाली पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों के बारे में विस्तार से अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मौजूदा नीति के कारण रोजाना प्रैक्टिस करने वाले वकीलों के हितों को सीधा नुकसान पहुंच रहा है।
एक तरफ प्रशासन अपने सरकारी वकील के माध्यम से मुकदमे की पैरवी करता है, जबकि दूसरी ओर आरोपी को भी सरकारी खर्चे पर वकील मुहैया कराया जाता है, जो किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। दप्पर ने बताया कि इससे पहले भी भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा गठित समिति के भरोसे पर ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने अपना आंदोलन वापस ले लिया था, पर कोई ठोस हल नहीं निकला। 14 जुलाई की बैठक में भी कोई सार्थक नतीजा सामने न आने के कारण राज्य की सभी बार एसोसिएशनों ने संघर्ष जारी रखने का सर्वसम्मति से फैसला किया है। उन्होंने कहा कि यह अब सिर्फ हड़ताल नहीं रही, बल्कि वकील समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए एक बड़े आंदोलन का रूप धारण कर चुकी है।
