मोहालीः पंजाब में लगातार स्कूल बसों और ऑटो में सवार बच्चों के हादसे होने की घटनाएं सामने आ रही है, लेकिन फिर भी बस और ऑटो चालक मनमान करते हुए नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है। मोहाली में ये तस्वीरें तब देखने को मिलीं जब एक ऑटो में 12 से 15 स्कूल के बच्चे झुंड में बैठे दिखे और चार बच्चे ऑटो के पीछे खड़े थे। दो बच्चे ऑटो के लेवल के साथ आगे की सीट पर बैठे थे और लगभग आठ बच्चे ड्राइवर के पीछे की सीटों पर बैठे हुए थे। हर कोई ये तस्वीरें देख कर हैरान था कि न तो कोई ट्रैफिक पुलिस इन तस्वीरों को देखकर कार्रवाई करती है बल्कि आंखें बंद करके सब देखती रहती है।
लोगों का कहना है ट्रैफिक पुलिस केवल दूसरी राज्यों से आने वाली गाड़ियों के नंबर देखकर रोक लेती हैं, लेकिन शहर में नन्हे-मुन्ने बच्चों की ज़िंदगियों से खिलवाड़ करते इन ऑटो चालकों की और पुलिस का कोई ध्यान नहीं जा रहा। यह कोई पहली तस्वीर नहीं है, इससे पहले भी कई बार ऐसी तस्वीरें सामने आ चुकी हैं जिसमें चार बच्चे ऑटो के पीछे खड़े होते हैं। अगर ऑटो चालक अचानक ब्रेक लगा दे तो वे बच्चे सड़क पर गिर सकते हैं और पीछे से आ रही गाड़ी के नीचे आने से बड़ा हादसा भी हो सकता है।
लेकिन ऑटो चालकों को सिर्फ अपनी जेब भरने से मतलब होता है। पंजाब के कई शहरों में आज तक ऐसे बड़े हादसे भी हो चुके हैं जिनमें नन्हें-मुन्नों बच्चों की जान भी चली गई। प्रशासन थोड़े समय के लिए इन पर कार्रवाई तो करता है और फिर वही छूट दे कर आराम करने लग जाता है। इनका किसी की ज़िंदगी से कोई लेना-देना नहीं रहता और न ही माता-पिता बच्चों को भेजते समय समझाते हैं। अगर कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो फिर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो जाता है।
