मोहाली: पंजाब के शहरी विकास महकमे के मुख्य केंद्र मोहाली स्थित ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी गमाडा (GMADA) में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमें अचानक दबिश दी। सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीमें तीन गाड़ियों में यहां पहुंची हैं। इस दौरान जालंधर, चंडीगढ़ और दिल्ली की टीमें कार्रवाई में शामिल हैं।
ईडी की टीमों ने दफ्तर में जांच शुरू कर दी है और मामले से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के भारी सुरक्षा घेरे के साथ पहुंची ईडी के अधिकारियों ने आते ही पूरे परिसर को अपने कब्जे में ले लिया। इस उच्च स्तरीय छापेमारी का मुख्य फोकस चर्चित ‘रेमिगेट’ मामले के अलावा उन तमाम फाइलों और दस्तावेजों को खंगालना था, जिन पर प्राइवेट रियलटर्स और बिल्डरों को नियमों को ताक पर रखकर जमीन के इस्तेमाल में बदलाव यानी सीएलयू की मंजूरी देने के गंभीर आरोप हैं।
इस कार्रवाई के दौरान दफ्तर के अंदर मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई, जबकि गमाडा महकमे के तमाम बड़े अधिकारियों के मोबाइल फोन तुरंत प्रभाव से जब्त कर लिए गए ताकि बाहरी दुनिया से उनका संपर्क काटा जा सके। जांच का दायरा बढ़ाते हुए ईडी के अधिकारियों ने गमाडा के शीर्ष अधिकारियों में एस्टेट ऑफिसर, एडिशनल चीफ एडमिनिस्ट्रेटर और चीफ इंजीनियर शामिल हैं। जिनको हाउसिंग सेक्रेटरी के कमरे में तलब किया। फिलहाल दफ्तर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और अंदर दस्तावेजों को खंगालने का दौर लगातार जारी है।