अमृतसरः पंजाब में आम आदमी पार्टी के खत्री रोड़ा कल्याण बोर्ड के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र सहदेव ने आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता सहित सभी पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने अपने फैसले के पीछे पंजाब में मौजूदा स्थिति, कानून-व्यवस्था और नशीली दवाओं की समस्या पर नाराजगी व्यक्त की है। सहदेव ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि मनसा में सामाजिक कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की हत्या ने उन्हें दुखी किया है। उन्होंने कहा, “यह बहुत दुखद है कि घटना के कई दिनों बाद भी मृतक के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि झोटा ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाता था और हत्या के बाद पंजाब की स्थिति को लेकर बहुत चिंतित है। उन्होंने कहा, “मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए मैंने पार्टी और सरकार के सभी पदों से इस्तीफा देने का फैसला किया है। नशीली दवाओं के खतरे पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं की तस्करी को रोकने के लिए और अधिक प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, पंजाब के लोग ड्रग्स की समस्या से छुटकारा पाने के लिए एक सुरक्षित वातावरण की उम्मीद करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की वर्तमान स्थिति को देखकर उन्हें बेहद दुख हुआ है और इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया है। 12 जुलाई 2021 को आप में शामिल हुए वीरेंद्र सहदेव ने कहा कि वह 12 जुलाई, 2021 को आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे।
लेकिन अब उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और अपने सभी पदों से इस्तीफा देने का फैसला किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वह किसी अन्य पार्टी के बारे में सोचने की स्थिति में नहीं हैं और आने वाले समय में अपने व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित करेंगे। सभी दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य के बारे में बात करते हुए सहदेव ने कहा कि उन्होंने वर्तमान में किसी भी राजनीतिक दल को उतनी गंभीरता से नहीं देखा है, जितनी राज्य को चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगाने में व्यस्त हैं, वहीं पंजाब के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समय बताएगा कि वह भविष्य में किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होंगे या नहीं।
कारोबार पर ध्यान देंगे वीरेंद्र सहदेव अपने बयान का समापन करते हुए वीरेंद्र सहदेव ने कहा कि उन्होंने यह निर्णय बहुत दुखी मन से लिया है। उनके अनुसार, उनकी किसी अन्य पार्टी में शामिल होने की कोई योजना नहीं है और वह अपने व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित करेंगे। यह देखा जाना बाकी है कि वीरेंद्र सहदेव के इस्तीफे के बाद पंजाब की राजनीति में अगला कदम क्या होगा और क्या वह भविष्य में फिर से किसी राजनीतिक दल में शामिल होंगे।
