चंडीगढ़ः आम आदमी पार्टी के 3 राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने जा रहे है। तीनों सांसद भाजपा दफ्तर पहुंच गए है। वहीं अन्य 5 सांसदों के पार्टी में शामिल होने का दावा किया है। दूसरी ओर सीएम भगवंत मान ने सातों सांसदों को लेकर भाजपा पर जमकर निशाना साधा। दरअसल, सीएम मान विदेश दौरे से लौटे है। जिसके बाद उन्होंने भाजपा के मंत्री रवनीत बिट्टू पर निशाना साधा।
उन्होंने कहाकि रवनीत बिट्टू 4 दिन पहले ही राघव चड्ढा को गालियां दे रहे थे। लेकिन आज राघव चड्ढा भाजपा में शामिल हो रहे, ऐसे में वह दोनों एक-दूसरे को कैसे मिलेंगे। नेताओं के पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होने पर तंज कसते हुए सीएम मान ने कहाकि साईकिल का भी स्टैंड होता है, लेकिन इनका कोई स्टैंड नहीं है। राघव चड्ढा का यहां दम घुटने लग गया। जब 50 नंबर कोठी में थे, तो वहां पर बड़ी खुली हवा आती थी। सीएम मान ने कहा कि कहीं तो खड़े हो जाओ। वैसे तो यह सरपंच बनने लायक नहीं थे। सीएम मान ने कहाकि ईडी ने हाल ही में अशोक मित्तल के घर पर रेड की थी, जिसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए।
वहीं हरभजन को भी भाजपा ने कमेंट्री करने को लेकर चेतावनी दी होगी, जिसके बाद वह भी भाजपा में जाने के लिए तैयार हो गए। सीएम मान ने कहा कि उनके घर पर ईडी करे रेड, वह किसी से नहीं डरते। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह के घर पर भी भाजपा ने एजेंसी द्वारा कार्रवाई करवाई, लेकिन कुछ नहीं मिला। सीएम मान ने कहा कि आप पार्टी को छोड़कर जाने वाले सांसद पंजाब की नुमाइंदी करने के लिए लोकसभा-राज्यसभा में गए थे, लेकिन पंजाबियों के साथ धोखा कर गए। उन्होंने कहाकि ज्यादा घरों का मेहमान अक्सर भूखा रह जाता है। कैप्टन को लेकर कहा कि वह खुद कह रहे थे कि पार्टी से उन्हें कुछ नहीं मिला।
आज पार्टी छोड़कर यह सभी सांसद चले गए, लेकिन वह अब दोबारा से पार्टी में कौन-सा मुंह लेकर आएंगे। यह पार्टी 5 या 10 नेताओं की पार्टी नहीं है। आप पार्टी लाखों लोगों की पार्टी है। 2-4 लोगों के जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ता। आप पार्टी के विधायक पंजाब में नहीं बल्कि अन्य जिलों में भी है। वहीं भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ने पंजाब के साथ गद्दारी की है, पंजाब के लोग उन्हें कभी माफ नहीं किए। किसान आंदोलन के समय भी बीजेपी ने गद्दारी की।” “अब हमारे सांसदों को अपने साथ शामिल किया जा रहा है, क्योंकि पंजाब में उनका अपना कोई मजबूत आधार नहीं है। लेकिन वे पूछते हैं कि भगवंत मान सरकार का विकल्प क्या है।”
मान ने कहा कि भाजपा हमारी सरकार के कामों से डरे हुए हैं। इन्होंने जरूर सर्वे करवाया होगा, जिसमें उन्हें पता चला होगा कि उनकी स्थिति बिल्कुल मजबूत नहीं है। इसलिए हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की गई। पंजाबी दिल से प्यार करते हैं, लेकिन अगर कोई उनसे धोखा करता है, तो वे उसे पीढ़ियों तक याद रखते हैं।” मान ने कहा कि मैं सख्त शब्दों में इस चीज की निंदा करता हूं। अमित शाह को यह बात पसंद नहीं आई होगी कि भगवंत मान का कोई विकल्प नहीं है।
