मोहालीः पंजाब में राजनीतिक गलियारें में हलचल तेज हो गई है। बीते दिन 7 राज्यसभा सांसद आप पार्टी छोड़कर चल गए, जिसमें से 3 सांसदों ने भाजपा का दामन भी थाम लिया। वहीं आप पार्टी के राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने का मामला अब मामला राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगा है। माना जा रहा है कि वह हाल ही में भाजपा में शामिल हुए 7 राज्यसभा सदस्यों के मुद्दे को लेकर अपना पक्ष रखेंगे और इस पूरे घटनाक्रम पर संवैधानिक हस्तक्षेप की मांग करेंगे।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री राष्ट्रपति से यह अनुरोध कर सकते हैं कि संबंधित राज्यसभा सदस्यों को बुलाकर उनका पक्ष सुना जाए और उसके बाद नियमों के तहत उचित फैसला लिया जाए। इसके साथ ही दलबदल कानून के तहत इन सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की मांग भी उठाई जा सकती है।सरकार का मानना है कि यह मामला लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक नैतिकता से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर स्पष्ट निर्णय जरूरी है।
बता दें कि बीते दिन पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आप में हुई इस टूट बाद बीजेपी पर जमकर हमला बोला था। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी में शामिल होने वाले पंजाब के राज्यसभा सांसदों को गद्दार कहा था। सीएम कहा कि बीजेपी हमेशा से पंजाब विरोधी रही है और प्रदेश की जनता इन गद्दारों को सबक सिखाएगी। भगवंत मान ने मीडिया से बातचीत में कहा, ”पार्टी किसी भी व्यक्ति से बड़ी होती है। जो सांसद पार्टी छोड़कर गए हैं, वे पंजाब का प्रतिनिधित्व नहीं करते। बीजेपी हमेशा दूसरी पार्टियों में बाधाएं पैदा करती है। पंजाबी दिल से सभी से प्यार करते हैं, लेकिन अगर कोई उनके साथ विश्वासघात करता है, तो वे उसे कभी नहीं भूलते हैं। ये सिर्फ खुद को बचाने के लिए वहां गए थे। अब वहां भी इनके लिए जगह नहीं है क्योंकि ये बीजेपी के साथ हैं।”
