अमृतसरः पंजाब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और उनके बेटे द्वारा थाने में पुलिस अधिकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और हंगामे का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता नजर आ रहा है। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी नेता अंगद दीप सिंह सोहल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पार्टी और सुखजिंदर सिंह रंधावा पर हमला बोला। सोहल ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने जिस तरह थाने में जाकर पुलिसकर्मियों के साथ व्यवहार किया, वह पुराने वीआईपी कल्चर और राजनीतिक धौंस जमाने की मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि थाने आम जनता की सेवा और न्याय के लिए हैं, किसी नेता की दादागिरी के लिए नहीं है। किसी भी पार्टी के नेता को ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों का अपमान करने का अधिकार नहीं है और मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जो भी कार्रवाई होगी वो की जायेगी। जब उनसे आम आदमी पार्टी के एक नेता की पुलिस अधिकारी से हुई बहस के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है।
ऐसे में गलत काम करने वाला चाहे किसी भी पार्टी का हो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सोहल ने पंजाब की कानून व्यवस्था और पुलिस प्रदर्शन पर कांग्रेस नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि पंजाब सरकार ‘वॉर ऑन गैंगस्टर्स’ और ‘वॉर ऑन ड्रग्स’ अभियान के तहत लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने दावा किया कि तरनतारन हत्याकांड में पुलिस ने 12 घंटे के अंदर मुख्य आरोपी समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
सोहल ने प्रताप सिंह बाजवा द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान पर लगाए गए आरोपों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के पास सरकार को घेरने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है और मुख्यमंत्री को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस भर्ती में 32 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के सुखपाल खैरा के आरोपों पर उन्होंने कहा कि अगर किसी के साथ धोखाधड़ी हुई है तो पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। सोहल ने कहा कि पंजाब सरकार ईमानदारी से काम करने वाले हर पुलिसकर्मी के साथ खड़ी है और पंजाब में किसी को भी कानून से ऊपर नहीं रहने दिया जाएगा।
