जालंधर, ENS: पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन ने 16 जून रात 12 बजे से नया टाइम ऑफ डे टैरिफ प्रभावी कर दिया गया है। शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक बिजली का इस्तेमाल करने पर सामान्य दरों के ऊपर 2 रुपए प्रति केवीएएच का अतिरिक्त सरचार्ज चुकाना होगा। इसलिए शाम के समय लोड को नियंत्रित रखकर उद्योगपति भारी-भरकम बिजली बिल से बच सकते हैं। फोकल प्वाइंट, कपूरथला रोड और लैदर कॉम्प्लेक्स सहित सभी औद्योगिक क्षेत्रों की लघु, मध्यम और बड़ी इकाइयों के लिए यह बदलाव बेहद अहम है। धान के सीजन की शुरुआत होने के कारण अब शाम के वक्त बिजली का उपयोग करने पर उद्योगों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा, जबकि रात के समय काम करने पर बड़ी राहत मिलेगी।
हर बार गर्मियों में जब बिजली संकट का अंदेशा होता है तो हर साल उक्त व्यवस्था लागू की जाती है। जिसके तहत पूरे 24 घंटों को अलग-अलग समय चक्रों में बांट लिया जाता है। इसमें सामान्य घंटे, पीक आवर्स तय होते हैं। पीक आवर्स का अर्थ है कि जब बिजली की मांग सबसे अधिक होती है और ऑफ-पीक आवर्स होता है रात का समय, जब मांग बेहद कम होती है। सीधे शब्दों में कहें तो, दिन और रात के अलग-अलग समय के हिसाब से बिजली की दरें भी अलग-अलग तय होती हैं।
रात को तमाम दफतर-शापिंग माल बंद होने से बिजली आसानी से उपलब्ध होती है, इसे आफ पीक आवर्स कहा जाता है। ऐसे में शाम के समय अतिरिक्त चार्ज लेकर पावरकॉम रात के आफ पीकआवर्स में इंडस्ट्री के संचालन को बढ़ावा देता है। बिजली विभाग द्वारा जारी किए गए नए नियमों के तहत 24 घंटे के समय चक्र को तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है, जिसके अनुसार बिजली की दरें तय होंगी। इस समयावधि के दौरान उपभोक्ताओं पर सामान्य टैरिफ दरें ही लागू रहेंगी, यानी दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। शाम के इन व्यस्त घंटों में बिजली का उपयोग करने पर सामान्य दरों के ऊपर 2 रुपये प्रति केवीएएच का अतिरिक्त सरचार्ज भुगतना होगा।
रात के समय उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी गई है। इस दौरान 5.50 रुपये प्रति केवीएएच की विशेष सस्ती दर लागू होगी और साथ ही फिक्स्ड चार्ज में भी 50 प्रतिशत की भारी छूट मिलेगी। जालंधर के उद्योगों पर असर जो औद्योगिक इकाइयां अपनी मुख्य शिफ्ट रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच चलाएंगी, उन्हें विभाग के विशेष नियमों के तहत सस्ती बिजली (5.50 रुपए प्रति केवीएएच) मिलेगी। इसके साथ ही फिक्स्ड चार्ज में भी 50 प्रतिशत तक की बड़ी छूट का लाभ मिलेगा। लोड का संतुलन बनने से जालंधर के औद्योगिक फीडरों पर ट्रिपिंग और अघोषित बिजली कटों की समस्या से राहत मिलेगी, जिससे फैक्ट्रियों को लगातार बिजली मिल सकेगी।
