अमृतसरः थाने के अंदर दस्तावेज फाड़ने और अपने समर्थक को छुड़ाने के आरोप शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के केस को लेकर कोर्ट में आज सुनवाई हुई। जहां अमृतसर कोर्ट ने बिक्रम मजीठिया को अंतरिम ज़मानत दे दी है। दरअसल, केस के बाद से पुलिस मजीठिया की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी।इस मामले में 10 जून को सुनवाई में हुई थी। उस दौरान थाना मजीठा की कथित सीसीटीवी फुटेज पेश न किए जाने को लेकर अदालत ने पुलिस से सवाल किए थे।
आरोप के मुताबिक, बिक्रम सिंह मजीठिया और उनके 50 से अधिक समर्थकों ने थाना परिसर में दस्तावेज फाड़े और सरकारी कामकाज में बाधा डाली थी। बचाव पक्ष के वकील अजय कुमार वरमानी ने दलील दी थी कि यह पूरा मामला राजनीतिक विवाद से जुड़ा हुआ है। उनका कहना था कि मजीठिया और उनके साथी केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की जानकारी लेने थाने गए थे और उन्होंने सिर्फ संबंधित दस्तावेज दिखाने की मांग की थी।
