2027 के चुनावों ने किसी भी पार्टी को नहीं देंगे वोट
गुरदासपुरः जिले के मकोड़ा पतन रावी दरिया के पार बसे 7 गांवों के लोगों का संपर्क एक बार फिर देश से टूट चुका है। मकोड़ा पतन रावी दरिया पर बना अस्थायी पंटून पुल टूटने के कारण लोगों को नाव के जरिए सफर करना पड़ रहा है। रावी दरिया के पार बसे 6 गांव के सरपंचों ने ऐलान किया है कि पुल के लिए केंद्र सरकार की और से पैसे भेज दिए गए हैं। लेकिन अभी तक टैंडर नहीं लगाया गया। जिसके चलते पुल के निर्माण में देरी हो रही है।
उन्होंने कहा कि वह आज डिप्टी कमिश्नर को मिलने जा रहे हैं। अगर 10 दिनों के अंदर अंदर पुल के निर्माण का काम शुरू ना किया गया तो वह रावी दरिया के पार बसे 6 गांव के सरपंच अपना इस्तीफा भेज देंगे और जम्मू अमृतसर नेशनल हाईवे को भी जाम करेंगे। 2027 के इलेक्शन में किसी भी पार्टी को वोट नहीं देंगे। दरअसल, रावी नदी के पार और भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे गांव तूर, भरियाल, मम्मियां, चिब्ब, चकरंगा, लसियां, कजले और चूंबर समेत 7 गांवों के लोगों की जिंदगी बरसात के दिनों में बेहद कठिन हो जाती है।
नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण इन गांवों का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से कट जाता है। अस्थायी पंटून पुल टूटने के बाद अब लोगों के लिए केवल नाव ही आने जाने का एकमात्र साधन बचा है। हालांकि, नदी में जलस्तर बढ़ने पर नाव का संचालन भी बंद हो जाता है, जिससे ये गांव पूरी तरह एक टापू में तब्दील हो जाते हैं। बरसात के दिनों में हमें ऐसा लगता है जैसे हमारा देश से कोई संबंध ही नहीं है। ना ही बच्चों की पढ़ाई हो पाती है, ना मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकता है और ना ही लोग अपने काम पर जा पाते हैं।” वहीं गांव के लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द पक्के पुल का काम शुरू किया जाए।

