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निक्षय मित्र बनकर हरियाणा को T.B मुक्त बनाने में सहयोग करें : Aarti Singh Rao

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चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने राज्य के लोगों से निक्षय मित्र बनकर हरियाणा को टीबी मुक्त बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया है। उन्होंने ‘टीबी मुक्त भारत ऐप’ का उपयोग भी बड़े पैमाने पर करने की अपील की है।

स्वास्थ्य मंत्री ने आज यहां कहा कि प्रधानमंत्री के ‘टीबी मुक्त भारत’ के सपने को साकार करने की दिशा में हरियाणा ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी जिलों में नए लॉन्च किए गए ‘टीबी मुक्त भारत ऐप’ का उपयोग बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत यह ऐप मरीजों, निक्षय मित्रों, स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) और स्वास्थ्य अधिकारियों को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ने का काम कर रहा है।

आरती सिंह राव ने बताया कि इस ऐप पर अब तक कुल पंजीकरणों की संख्या 32,643 तक पहुंच गई है, जिससे हरियाणा कुल पंजीकरण के मामले में देश भर में दूसरे स्थान पर आ गया है। इस ऐप पर हरियाणा के 22,266 स्वयंसेवकों ने मरीजों को भोजन की टोकरी (पोषण किट) के वितरण और मानसिक-सामाजिक सहायता प्रदान करने के लिए पंजीकरण कराया है, जबकि 1,997 नए निक्षय मित्रों ने मरीजों को गोद लेने और उन्हें पोषण संबंधी व नैदानिक सहायता देने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने ऐप की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस ऐप में ‘खुशी ई-संगिनी’ नाम से एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चैटबॉट शामिल है, जो 12 भाषाओं में उपलब्ध है। यह चैटबॉट टीबी के लक्षणों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ जीपीएस (GPS) के जरिए उपयोगकर्ताओं को नजदीकी जांच केंद्र ढूंढने में भी मदद करता है। यह ऐप पूरी तरह से मरीज-केंद्रित है, जहां टीबी के मरीज अपनी ‘निक्षय आईडी’ (Ni-kshay ID) का उपयोग करके लॉग इन कर सकते हैं और अपना व्यक्तिगत उपचार चार्ट देख सकते हैं। इसके साथ ही, मरीजों को समय पर दवा लेने के लिए प्रेरित करने के लिए इसमें दैनिक दवा रिमाइंडर (अलार्म) की विशेष सुविधा दी गई है ताकि उनका इलाज बीच में न छूटे।

आरती सिंह राव ने इस डिजिटल इकोसिस्टम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कॉर्पोरेट घराने, गैर-सरकारी संगठन (NGO) और आम नागरिक भी इस ऐप के माध्यम से आसानी से निक्षय मित्र के रूप में पंजीकरण कर मरीजों को पोषण और नैदानिक सहायता दे सकते हैं। स्वयंसेवक भोजन के पैकेटों के भौतिक वितरण की जिम्मेदारी उठा सकते हैं और पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिलीवरी के समय जियो-टैग्ड (स्थान की जानकारी युक्त) और टाइम-स्टैम्प (समय की जानकारी युक्त) वाली तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा आम जनता भी इस ऐप का उपयोग टीबी के लक्षणों, रोकथाम के तरीकों को जानने और इस बीमारी से जुड़े भ्रमों को दूर करने के लिए कर सकती है।

नेशनल हैल्थ मिशन हरियाणा के मिशन निदेशक डॉ. आर एस ढिल्लों ने बताया कि ने जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों जैसे एसटीएस (STS), एसटीएलएस (STLS), टीबीएचवी (TBHV) और सीएचओ (CHO) को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया है ताकि वे मरीजों के मोबाइल में ऐप डाउनलोड करवाकर उनके दैनिक दवा रिमाइंडर को सेट करने में मदद कर सकें।

डॉ. ढिल्लों ने आम जनता से अपील की है कि वे गूगल प्ले स्टोर से ‘टीबी मुक्त भारत ऐप’ को जरूर डाउनलोड करें। उन्होंने लोगों से टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूक रहने और निक्षय मित्र बनकर इस सामाजिक कार्य में अपना बहुमूल्य योगदान देने का आह्वान किया है, ताकि सक्रिय जनभागीदारी के माध्यम से हरियाणा देश का पहला टीबी मुक्त राज्य बनने की राह पर अग्रणी बना रहे।

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