चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में हरियाणा अग्रणी भूमिका निभाएगा। गुरुग्राम में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 1966 में हरियाणा के गठन के बाद प्रत्येक सरकार ने अपने स्तर पर प्रदेश के विकास में योगदान दिया है, लेकिन पिछले लगभग 11 वर्षों में विकास की गति और कार्य संस्कृति में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। आज हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है और सरकार का लक्ष्य विकास की इस रफ्तार को और तेज करना है। इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा भी उपस्थित थे

हरियाणा सरकार युवाओं, किसानों, महिलाओं, गरीबों और समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में डबल इंजन सरकार ने प्रदेश में पारदर्शी एवं जनहितैषी शासन व्यवस्था स्थापित कर लोगों का विश्वास मजबूत किया है। यही विश्वास हरियाणा को आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास के नए आयामों तक पहुंचाने का आधार बनेगा।
पारदर्शी नीतियों और बेहतर सुविधाओं से हरियाणा में बढ़ रहा निवेशकों का विश्वास : मुख्यमंत्री
हरियाणा सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सहभागिता आधारित नीति पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहली बार बजट निर्माण से पहले उद्योग जगत सहित विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श की परंपरा शुरू की गई है, ताकि उनकी जरूरतों और सुझावों को नीतियों में शामिल किया जा सके। इसी सोच के अनुरूप नई औद्योगिक नीति तैयार करने से पहले देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों की सर्वोत्तम व्यवस्थाओं का अध्ययन किया गया। इसके बाद उद्योग संगठनों के साथ कई दौर की बैठकें कर उनके सुझावों को नीति में समाहित किया गया, जिससे हरियाणा की औद्योगिक नीति निवेशकों की अपेक्षाओं के अनुरूप और अधिक प्रभावी बन सकी।

सरकार ने नई औद्योगिक नीति के माध्यम से प्रदेश में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया है और नीति के शुभारंभ के दिन ही 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होना इस दिशा में उद्योग जगत के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो प्रणाली को और अधिक सरल एवं प्रभावी बनाया गया है, ताकि आवश्यक अनुमतियां 14 से 15 दिनों के भीतर उपलब्ध हो सकें। इसके साथ ही प्रदेश में 10 नई आईएमटी विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिनमें से कई पर कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में जापान दौरे के दौरान भी हरियाणा को हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। सरकार का उद्देश्य निवेशकों को विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर हरियाणा को देश का सबसे पसंदीदा औद्योगिक निवेश केंद्र बनाना है।
नई औद्योगिक नीति से बढ़ेगा रोजगार
हरियाणा की नई औद्योगिक नीति के तहत हरियाणा के युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को पहले की तुलना में अधिक प्रोत्साहन राशि दी जा रही है, पूर्व में यह राशि 48 हजार थी, जिसे बढ़ाकर अब एक लाख किया गया है, वहीं दिव्यांग व्यक्ति को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर यह राशि 1 लाख 25 हजार निर्धारित की गई है। जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, स्टार्टअप और एमएसएमई को मिल रहा विशेष प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आईटीआई और उद्योगों के बीच समन्वय स्थापित किया है, ताकि युवाओं को वही प्रशिक्षण मिले जिसकी उद्योगों को आवश्यकता है। इससे प्रदेश के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन आसानी से उपलब्ध होगा।
सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के साथ-साथ स्टार्टअप संस्कृति को भी बढ़ावा दे रही है। बजट में अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि युवाओं के नए विचार उद्योग का रूप ले सकें और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हों।
गुरुग्राम को विश्वस्तरीय शहर बनाने पर सरकार का फोकस
गुरुग्राम में सड़क, मेट्रो, आरआरटीएस, जल निकासी और पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। आगामी वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजनाओं पर कार्य हो रहा है, जिससे गुरुग्राम को वैश्विक स्तर के आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष बरसात के मौसम को देखते हुए जलभराव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनों की सफाई, रिचार्ज सिस्टम और अन्य आवश्यक कार्य पहले ही पूरे किए जा रहे हैं। लक्ष्य है कि बारिश के दौरान आमजन को न्यूनतम परेशानी हो और शहर की यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे। गुरुग्राम में 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार हो रही पेयजल योजना, विकास का आधार होती हैं मजबूत नीतियां गुरुग्राम की भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए दीर्घकालिक परियोजना पर कार्य चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद आने वाले लगभग 50 वर्षों तक शहर में पेयजल संकट की स्थिति नहीं बनेगी। किसी भी राज्य की प्रगति उसकी नीतियों पर निर्भर करती है। पिछले वर्षों में केंद्र और हरियाणा सरकार की जनहितैषी नीतियों के कारण प्रदेश में बुनियादी ढांचे का विस्तार हुआ है, निवेश बढ़ा है और लोगों का सरकार पर विश्वास मजबूत हुआ है।

किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण पर जोर
सरकार किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ बागवानी और अन्य लाभकारी फसलों की ओर प्रेरित कर रही है। साथ ही एमएसपी पर फसल खरीद, प्राकृतिक खेती, पराली प्रबंधन और प्रसंस्करण इकाइयों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर विधायक बिमला चौधरी, तेजपाल तंवर, मुकेश शर्मा, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय, एडवाइजर राजीव जेटली सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

