अमृतसरः पंजाब में नशा और अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 915 ग्राम आईस (मेथामफेटामिन), 5 आधुनिक पिस्टलें और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि यह कार्रवाई सीएम की जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत ऑर्गनाइज्ड क्राइम और गैंगस्टरों के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। गिरफ्तार किए गए आरोपी फिरोजपुर सेक्टर के सीमान्त इलाकों में सक्रिय थे और पाकिस्तान स्थित तस्करों के सीधे संपर्क में थे।
वे स्थानीय स्तर पर नशे और हथियारों की सप्लाई के हैंडलर के रूप में काम कर रहे थे। जांच के दौरान सामने आया कि यह सामग्री ड्रोन के जरिए भारत में भेजी जाती थी, जिसे सीमा के जंगलात और घनी वनस्पति वाले इलाकों का फायदा उठाकर आरोपी उठा लेते थे। गिरफ्तार आरोपी एक ही गांव के रहने वाले हैं और उनकी उम्र 21 से 29 साल के बीच है। पुलिस के मुताबिक बरामद की गई आईस वाणिज्यिक मात्रा से काफी अधिक है। जानकारी के अनुसार 250 ग्राम से ऊपर की आईस को वाणिज्यिक मात्रा माना जाता है, जबकि यहां करीब एक किलो के आस-पास नशा बरामद हुआ है, जो कई गुणा अधिक मात्रा है। यह नशा लैब में तैयार किया जाता है और इसे हीरोइन का विकल्प माना जाता है।
इस पूरे ऑपरेशन को इंटेलिजेंस-बेस्ड कार्रवाई बताया गया है, जिसमें डीसीपी इन्वेस्टिगेशन और अन्य अधिकारियों के नेतृत्व में टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से बड़ी ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही पुलिस उस सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खालिस्तान नेशन पोस्ट की बम धमाके की ईमेल धमकी के मामले की भी गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इस मामले में भी काफी प्रगति हो चुकी है और जल्द ही तथ्यों को साझा किया जाएगा। पुलिस ने शहरवासियों को भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी प्रकार की घबराहट की जरूरत नहीं है। जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासों की संभावना है।
