लुधियानाः गिल नहर में नहाने गए 11 वर्षीय मासूम बच्चे की डूबने से मौत हो गई। मंगलवार की सुबह घर से निकले इस बच्चे का शव बुधवार शाम को भारी मशक्कत के बाद नहर से बरामद किया गया। मृतक बच्चे की पहचान 11 वर्षीय तरनजीत सिंह के रूप में हुई है। तरनजीत के पिता ने रोते हुए बताया कि उनका बेटा मंगलवार सुबह गिल नहर में नहाने के लिए गया था। जब वह शाम तक घर नहीं लौटा, तो परिवार वालों की चिंता बढ़ गई और उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। हर संभावित जगह पर ढूंढने के बाद भी जब तरनजीत का कुछ पता नहीं चला, तो पुलिस को सूचना दी गई। अगले दिन, बुधवार को नहर में भारी सर्च अभियान चलाया गया। आखिरकार शाम करीब 5:30 बजे नहर से बच्चे का शव बरामद हुआ।
इस दर्दनाक हादसे ने एक गरीब मजदूर परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है जो पहले ही अपनी एक जवान बेटी को खोने का दुख झेल रहा था। मासूम का शव मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार तरनजीत के पिता एक दिहाड़ी मजदूर हैं जो दिन-रात खून-पसीना एक करके अपने परिवार का पेट पालते हैं, जबकि उसकी माता गृहिणी हैं। तरनजीत अपने तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा और पूरे घर का लाडला था। वह अभी पढ़ाई कर रहा था।
परिवार पर दुखों का यह कोई पहला पहाड़ नहीं टूटा है। परिवार में कुल तीन बच्चे थे। इनमें सबसे बड़ी 16 साल की बहन थी जिसकी इसी साल फरवरी में एक गंभीर बीमारी के कारण मौत हो गई थी। माता-पिता अभी अपनी जवान बेटी की मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि अब उनके सबसे छोटे और लाडले बेटे की अचानक हुई मौत ने उन्हें पूरी तरह से तोड़ कर रख दिया है। परिवार में अब केवल 14 साल का मंझला भाई करणदीप ही बचा है। बुधवार शाम 5:30 बजे जैसे ही गिल नहर से तरनजीत का शव मिलने की खबर घर पहुंची, वहां चीख-पुकार मच गई और माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी थी। मामले के जांच अधिकारी हरबंस सिंह ने बताया कि पुलिस को बच्चे के लापता होने और नहर में डूबने की आशंका की सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद सर्च ऑपरेशन चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद बुधवार देर शाम गोताखोरों की मदद से उसका शव नहर से बाहर निकाला जा सका। जांच अधिकारी ने बताया कि फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी (शवगृह) में सुरक्षित रखवा दिया है। अब परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उनके बयानों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

