लुधियानाः खन्ना पुलिस ने नेशनल हाईवे पर लंबे समय से चल रहे जुए के अड्डे का भंडाफोड़ किया है। मिली जानकारी के मुताबिक जुआ बलदेव ढाबा में चल रहा था। पुलिस ने बताया कि ढाबों की आड़ में बड़े पैमाने पर लोगों को जुए के अड्डे उपलब्ध करवाया जा रहा था। पुलिस ने बताया कि इस ढाबे पर कई जिलों से लोग जुआ खेलने के लिए आते थे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान कई कारोबारियों समेत 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की छापेमारी के दौरान ढाबा मालिक अपने साथी समेत मौके से फरार हो गया। मौके से पुलिस ने 8 लाख 56 हजार 580 रुपए बरामद किए। एसएसपी अमनीत कौंडल ने बताया कि एसपी (आई) डा. प्रज्ञा जैन और डीएसपी राजेश कुमार की सुपरविजन में पुलिस टीम ने रेड करते हुए इन लोगों को काबू किया। ढाबा मालिक गुरप्रीत सिंह निवासी गांव चकोही और उसका साथी कशिश कुमार निवासी खन्ना फरार हैं। इनकी तलाश की जा रही है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान स्वर्णजीत सिंह निवासी पटियाला, हरीश कुमार निवासी हमायुपुरा (सरहिंद), शरणवीर सिंह निवासी भट्टो (फतेहगढ़ साहिब), गुरप्रीत सिंह निवासी साहनेवाल, पवन कुमार निवासी आदर्श नगर सरहिंद, बलजीत सिंह निवासी सरहिंद मंडी, किरणदीप सिंह निवासी गुरु तेग बहादुर नगर ललहेड़ी रोड खन्ना, मनीष कुमार मोनू निवासी सरहिंद, पवन कुमार निवासी अमलोह, कुलविंदर सिंह निवासी गुरु अर्जन देव नगर लुधियाना, गौरव निवासी अमलोह रोड खन्ना, दिनेश निवासी बसंत नगर खन्ना, दीपक कुमार निवासी भगत सिंह कालोनी खन्ना, हरविंदर सिंह निवासी अमलोह, प्रेम चंद निवासी अमलोह, मनदीप कुमार निवासी अमलोह, राजेश किसान इ्न्क्लेव खन्ना, पवन कुमार निवासी न्यू शिमलापुरी लुधियाना के रूप में हुई है।
बलदेव ढाबा मालिक गुरप्रीत सिंह खिलाफ पहले भी केस दर्ज है। ढाबे में जुआ खेलने के लिए जगह देने पर गुरप्रीत सिंह खिलाफ 12 फरवरी 2023 को सदर पुलिस ने केस दर्ज किया था। उस समय 68 हजार रुपए मिले थे। लड़ाई झगड़े के केस भी गुरप्रीत खिलाफ हैं। ढाबे पर शराब बेचने का केस भी दर्ज है। इस केस में कुछ पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली जांच के घेरे में आई है। एसएसपी अमनीत कौंडल ने खुद हैरानी प्रकट करते हुए कहा कि सदर थाना इलाके में इतने बड़े पैमाने पर जीटी रोड किनारे ही जुए का अड्ढा चल रहा था। संबंधित थाने की पुलिस को क्या कोई जानकारी तक नहीं थी। इसकी जांच कराई जाएगी। बता दें कि इस केस में खन्ना पुलिस की स्पेशल ब्रांच और टेक्निकल सैल ने सांझे तौर पर सूचना देकर कार्रवाई को अंजाम दिया। जिसे लेकर संबंधित थाने की कार्यशैली पर सवाल उठे।
